नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर श्रेणी में बने रहने के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई बंद करने के अलावा सभी कार्यालयों में 50% वर्क फर्म होम जैसे कई उपायों का एलान किया है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पॉल्यूशन को देखते हुए दिल्ली सरकार ने दो बड़े निर्णय लिए हैं। पहला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के अंदर काम कर रहे सभी सरकारी और निजी कार्यालय सिर्फ 50 प्रतिशत स्टाफ क्षमता पर काम करेंगे।
बाकी स्टाफ घर से काम करेंगे। दूसरा, निर्माण कार्य रुकने से प्रभावित सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर होंगे। उधर, संसद के शीतकालीन सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे कई सांसदों ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। यूपी से सांसद चंद्रशेखर आजाद तख़्ती लेकर संसद परिसर पहुंचे, जिस पर लिखा था जह*रीली हवा है, सरकार लापता है। चंद्रशेखर ने कहा कि एक्यूआई 450 के पार है लेकिन दिल्ली सरकार को कुछ दिख क्यों नहीं रहा है। वे कुछ करते क्यों नहीं? दिल्ली के लोग स्वच्छ हवा के हकदार हैं। हवा ज*हरीली है और सरकार कुछ भी नहीं कर रही है।
वे बस मुद्दे को छुपा रहे हैं। जबकि आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि दिल्ली में एक्यूआई 500 पार है। मौजूदा सरकार आम आदमी पार्टी की आलोचना के अलावा कुछ भी नहीं कर रही है। हमारी सरकार ने इसे नियंत्रित कर रखा था। हालात पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बुधवार को भी दिल्ली में एक्यूआई 328 के साथ एयर क्वालिटी खराब श्रेणी में रही, जबकि मंगलवार को यह 377 थी। पूरे शहर में स्मॉग की परत देखी गई। सुबह 9 बजे तक भी 40 में से 30 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘बेहद ख़राब’ श्रेणी में रही।
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