कोटा: राजस्थान की राजनीति में ईमानदारी एवं जनसेवा की मिसाल रहे पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का सोमवार देर रात करीब 10 जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे, लेकिन तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
15 अगस्त 1950 को जन्मे भरत सिंह का जीवन समर्पण, संघर्ष और सेवा के रूप में बीता। उन्होंने राजनीति की शुरुआत सरपंच पद से की और विधायक, प्रधान और मंत्री जैसे जिम्मेदार पदों तक पहुंचे। ईमानदारी और स्पष्टवादिता उनकी पहचान थी। बतौर ग्रामीण विकास, पंचायतीराज और सार्वजनिक निर्माण मंत्री रहते हुए उन्होंने राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता लाने की मिसाल कायम की।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने जताया शोक:
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा की हाड़ौती की धरती ने आज एक सच्चा जनसेवक खो दिया। एक ऐसा नेता जो पद से नहीं, अपने कर्मों से जनता के दिलों में जिंदा रहेगा।
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