नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी अपने भाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बचाव में उतरी हैं। राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर यह कहा था कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा, जो गहरी चिंता पैदा करता है।बुधवार को संसद पहुंचने पर प्रियंका गांधी से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक पब्लिक सोर्स से कोट कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही संजय बारू जी को कोट किया है। सत्ता पक्ष के लोग खुद कभी मैगजीन तो कभी किसी किताब को संसद में कोट करते रहे हैं। संजय बारू पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके हैं और उन्होंने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर नाम की किताब लिखी थी। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है। इसमें पूरे देश की आस्था है। परंपरा रही है। ऐसा हुआ है कि कभी चीन पर चर्चा हुई है, विदेशी मामलों पर चर्चा हुई है। हमेशा खुलकर चर्चा हुई है।
विपक्ष हो या सरकार हो सबने अपना पक्ष रखा है। पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि असल में ये लोग डर गए हैं कि क्या बातें निकलने वाली हैं। जहां तक मेरी जानकारी है इस पुस्तक में ऐसी बातें लिखी गई हैं कि क्राइसिस के समय जब चीन की सेना हमारे बॉर्डर पर थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टॉप लीडरशिप का क्या रिएक्शन रहा। दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कारवां मैगजीन में एक अप्रकाशित किताब (फ़ॉर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी) पर छपे लेख के अंश सोमवार को संसद में पढ़ने की कोशिश की थी।
यह किताब पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे ने लिखी है। राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा कि इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं। जिस पर भाजपा के नेताओं ने आपत्ति जताई और कहा कि अप्रकाशित किताब के अंश कैसे पढ़े जा सकते हैं।
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