बामनवास पंचायत समिति क्षेत्र के टोडा व बानोर सहित करीब आधा दर्जन गांव के ग्राम पंचायत मुख्यालय बदलने के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा शुक्रवार को स्थानीय विधायक इंदिरा मीणा का पुतला फूंका एवं प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।

ग्राम पंचायत मुख्यालय बदलने व टोडा को ग्रामपंचायत नहीं बनाने को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा दोपहर करीब डेढ बजे सामूहिक रूप से महापड़ाव में मौजूद महिला व पुरुषों द्वारा विधायक इंदिरा मीणा का पुतला फूंकते हुए बामनवास के इतिहास में मौजूदा विधायक को काला धब्बा बताया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि विधायक इंदिरा मीणा द्वारा मामले को लेकर मीडिया में दिए गए बयान पर अफसोस जताते हुए कहा कि विधायक द्वारा महापड़ाव में सम्मिलित गांव को ग्राम पंचायत बनाने के लिए गए किसी भी ग्रामीण को ना तो अनुशंसा पत्र दिया ना ही किसी प्रकार की अनुशंसा की।
विधायक का पुतला फूंकने के बाद महापड़ाव पर पहुंचे भाजपा के राजेंद्र मीणा द्वारा उपखंड अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता के बाद उपखंड अधिकारी हेमराज परिडवाल, विकास अधिकारी घनश्याम मीणा सहित तहसीलदार व नायब तहसीलदार व पीएचडी के सहायक अभियंता विजय सिंह मीणा मौके पर पहुंचे। जहां महापड़ाव में शामिल ग्रामीणों से उपखंड अधिकारी द्वारा समझाइश वार्ता की गई एवं ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर सिफारिश राजस्थान सरकार को भेजकर अवगत कराने की बात कही। साथ ही महापड़ाव में शामिल ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा भेजे गए पत्र को भी दिखाते हुए धरना समाप्त करने की अपील की।
महापड़ाव स्थल पर ही वार्ता के दौरान ग्रामीणों द्वारा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनको ग्राम पंचायत का दर्जा नहीं मिल जाएगा अथवा उनका ग्राम पंचायत मुख्यालय नहीं बदला जाएगा तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस प्रकरण को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिलने जयपुर भी गया है।
महापड़ाव के कारण ऐहतियात के तौर पर जल प्रदाय योजना को बंद रखने से बामनवास, शफीपुरा आदि जगहों पर पेयजल की भीषण समस्या उत्पन्न हो गई है।
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