झालावाड़: सरकारी पोर्टलों में सें*ध लगाकर करोड़ों रुपए की हेराफेरी करने के मामले में झालवाड़ पुलिस ने नया खुलासा किया है। गि*रोह के लोग पीएम किसान, जनआधार, आपदा प्रबंधन और सोशल सिक्योरिटी पेंशन पोर्टलों में सें*ध लगाकर अपात्र व्यक्तियों के खातों में राशि ट्रांसफर कर रहा थे। आरोपी सरकारी लॉगिन आईडी व पासवर्ड हासिल कर क्लोन वेबसाइट बनाते थे, जिनके जरिए योजनाओं का डेटा डाउनलोड कर उसे एडिट करते थे।
पुलिस ने जयपुर, दौसा, भरतपुर, दिल्ली, जोधपुर और पंजाब से 6 आरोपियों को गिर*फ्तार व 2 को डिटेन किया है। गिर*फ्तार आरोपियों में स्टेट नोडल ऑफिस का ऑपरेटर, कलेक्ट्रेट कर्मचारी, बैंक एजेंट, वेब डेवलपर और डाटा हैंडलर शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया एक ही मोबाइल नंबर से 95 फर्जी किसान आईडी बनाई गई। वहीं राज्यों के हजारों नोडल अधिकारियों की जानकारी हासिल कर जा*लसाजी की।
अब तक 11 हजार सं*दिग्ध बैंक खाते डेबिट फ्रीज कराए गए हैं, जिनमें करीब 1 करोड़ रुपए मिले हैं। इससे पहले पुलिस ने 22 अक्टूबर को मास्टरमाइंड समेत 30 ठ*गों को पकड़ा था। जिनसे 35 लैपटॉप, 70 मोबाइल, लग्जरी गाड़ियां और 53 लाख नकद बरामद किए थे।
इन राज्यों के लाभार्थियों का मिला डाटा:
एसपी अमित कुमार ने बताया कि SIT की जांच में कई साइबर तकनीकी खुलासे हुए हैं। पीएम किसान पोर्टल के HTML कोड्स की 45 से अधिक फाइलें मिली हैं। कई राज्यों जैसे गुजरात, आंध्रप्रदेश और असम के नोडल आईडी, पासवर्ड, ईमेल और मोबाइल नंबर बरामद हुए हैं। पीएम किसान पोर्टल के एक्टिवेशन SOP दस्तावेज भी आरोपी के लैपटॉप से मिले हैं। लगभग 2 लाख लाभार्थियों का डेटा गुजरात से, 40 हजार असम से और 55 हजार राजस्थान से मिला है। आरोपियों के लैपटॉप से एक वीडियो मिला है जिसमें पीएम किसान पोर्टल के कोड से छे*ड़छाड़ और डेटाबेस एक्सेस का लाइव डेमो दिखाया गया है।
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