मेरा एक बेटा गया, पर लाखों बेटे-बेटियाँ मेरे साथ हैं: हरीश चंद्र मीना
सवाई माधोपुर: टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद हरीश चंद्र मीना के लिए 9 अक्टूबर का दिन उनके जीवन का सबसे दुखद और असहनीय दिन बन गया, जब उनके पुत्र हनुमंत मीना का असामयिक निधन हो गया। इस हृदयविदारक क्षति के बाद सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपना गहरा शोक व्यक्त किया। सांसद मीना ने अपने संदेश में लिखा है कि, “हनुमंत का जाना मेरे जीवन का ऐसा घाव है, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा। यह पीड़ा शब्दों से कहीं अधिक गहरी और असहनीय है।”
साथियों के स्नेह ने दिया संबल:
सांसद ने इस दुख की घड़ी में साथ देने वाले सभी शुभचिंतकों, सहयोगियों और स्वजनों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने लिखा, “इस अंधेरे दुःख के बीच, आप सबका स्नेह, आपका साथ और आपकी संवेदनाएँ मेरे लिए ईश्वर के करुणामय आशीर्वाद की तरह रहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि जब उनका मन पूरी तरह टूट चुका था, तब “प्रेमभरे शब्दों, करुण आँखों और मौन स्नेह” ने उन्हें संभालने का काम किया और फिर से जीने की हिम्मत दी।
मेरा एक बेटा गया, लेकिन लाखों मेरे साथ हैं:
संदेश का सबसे मार्मिक हिस्सा वह था, जब सांसद ने समाज से मिले प्रेम और आत्मीयता को याद करते हुए लिखा, “हजारों-लाखों साथियों, शुभचिंतकों और स्वजनों ने जिस आत्मीयता से मुझे संबल दिया, उसने मुझे यह महसूस कराया कि-मेरा एक बेटा चला गया है, पर मेरे हजारों-लाखों बेटे-बेटियाँ आज भी मेरे साथ खड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह अपार स्नेह अब उनके जीवन में हनुमंत की मुस्कान बनकर हर दुःख में प्रकाश की तरह साथ रहता है।
प्रिय साथियों,शुभचिंतकों एवं मेरे अपने जनों,
9 अक्टूबर मेरे जीवन का सबसे कठिन और असहनीय दिन बन गया,
जब मेरा लाडला पुत्र हनुमंत सदा के लिए मुझसे दूर चला गया।
एक पिता के रूप में यह पीड़ा शब्दों से कहीं गहरी है —
यह ऐसा घाव है, जो शायद जीवनभर नहीं भर पाएगा।
पर इस अंधेरे दुःख के… pic.twitter.com/DomVC9KSu4— Harish Chandra Meena (@HC_meenaMP) October 20, 2025
परिवार की ओर से आभार और शुभकामनाएँ:
परिवार की ओर से भी सभी शुभचिंतकों के प्रेम, प्रार्थनाओं और साथ के लिए हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही ईश्वर से सभी के जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा की कामना की गई।
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