नई दिल्ली: दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के तट पर अलग-अलग समुद्री प्रजाति के 200 से ज्यादा जीवों की मौ*त हो गई है। इसकी वजह एलगल ब्लूम यानी पानी में तेजी से बढ़ते शैवाल की संख्या बताई जा रही है। पानी में शैवालों की संख्या बढ़ने से उसका रंग बदल जाता है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के तट पर पानी में शैवालों की संख्या मार्च महीने से बढ़ रही है।
ये लगभग 4,500 वर्ग किमी (3,400 वर्ग मील) तक बढ़ गई है। वन्यजीव वैज्ञानिक वैनेसा पिरोट्टा ने कहा कि यह एक अनोखी घटना है क्योंकि शैवालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। अन्य वैज्ञानिकों का कहना है कि शैवाल ज*हर पैदा करता है, जो ‘एक टॉक्सिक ब्लैंकेट की तरह काम करता है और समुद्री जीवन का दम घोंट’ देता है। म*रने वाले जीवों में सबसे छोटी शिशु मछली से लेकर सफेद शार्क शामिल हैं।
हालाँकि, शैवाल इंसानों के लिए हानिकारक नहीं है, लेकिन अधिक मात्रा में शैवाल के संपर्क में आने वालों को त्वचा में जलन और खाँसी या साँस लेने में समस्या हो सकती है। ऐसे में लोगों को उन समुद्र तटों पर तैरने से बचने की सलाह दी गई है, जहाँ पानी का रंग बदल गया है और जहां झाग है।
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