नई दिल्ली: गुरुवार को ‘एक देश एक चुनाव’ को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विपक्षी दल लगातार इसपर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘एक देश, एक चुनाव’ सही मायनों में एक ‘अव्यावहारिक’ ही नहीं अलोकतांत्रिक व्यवस्था भी है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि कभी सरकारें अपनी समयावधि के बीच में भी अस्थिर हो जाती हैं तो क्या वहाँ की जनता बिना लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के रहेगी। इसके लिए सांविधानिक रूप से चुनी गयी सरकारों को बीच में ही भंग करना होगा, जो जनमत का अपमान होगा। दरअसल ‘एक देश, एक चुनाव’ लोकतंत्र के खिलाफ, एकतंत्री सोच का बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जो चाहता है कि एक साथ ही पूरे देश पर कब्जा कर लिया जाए।
देश में एक साथ चुनाव कराने पर विचार के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई थी, इस कमेटी ने वन नेशन वन इलेक्शन की सिफारिश की है। केंद्र सरकार और उसके सयहोगी दलों की दलील रही है कि देश में एक साथ चुनाव कराने पर सरकारी खर्च में कमी आएगी और विकास के काम भी ज्यादा रफ्तार से चल सकेंगे।
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