जयपुर: मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में आरजीएचस योजना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में योजना में पारदर्शिता की दृष्टि से एक और डिजिटल पहल की गई है। इसके तहत राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना के लाभार्थी को उसके द्वारा उपयोग की गई स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी जानकारी उसके पंजीकृत मोबाइल पर मिलेगी। इससे लाभार्थी को यह पता चला सकेगा कि किसी भी फार्मेसी, अस्पताल या अन्य एजेंसी द्वारा उसके आरजीएचएस कार्ड का दुरूपयोग तो नहीं किया गया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि कई बार ऐसी शिकायतें सामने आती थीं कि किसी फार्मेसी, अस्पताल या अन्य एजेंसी द्वारा गलत बिल प्रस्तुत कर योजना के तहत भुगतान उठा लिया गया, जबकि लाभार्थी द्वारा ऐसा कोई उपचार या दवा ली ही नहीं गई और ना ही उसे इसके बारे में कोई जानकारी है। इस अनियमितता पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अब लाभार्थी को उसके द्वारा उपयोग की गई सेवाओं की पूरी जानकारी उसके मोबाइल पर उपलब्ध करवाने की पहल प्रारंभ की गई है।
ऐसे में कार्ड का दुरूपयोग होने पर लाभार्थी तत्काल हेल्पलाइन नंबर या आरजीएचएस कार्यालय में तथा हेल्पलाइन 181 पर इसकी सूचना दे सकेगा और अनियमितता करने वाले अस्पताल या फार्मेसी स्टोर के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि आरजीएचएस कार्ड के उपयोग से संबंधित पारदर्शी एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इस पहल के अंतर्गत अब सभी पंजीकृत लाभार्थियों को प्रत्येक माह उनके कार्ड पर किए गए कुल स्वास्थ्य व्यय की जानकारी एसएमएस के माध्यम से उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी।
इस एसएमएस में लाभार्थी दवारा किए गए चिकित्सा व्यय का विवरण आईपीडी, डे केयर, ओपीडी, फार्मेसी एवं रिइम्बर्समेंट श्रेणियों के अनुसार स्पष्ट रूप से दर्शाया जाएगा। साथ ही कुल व्यय राशि की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लाभार्थियों को अपने स्वास्थ्य व्यय का पूरा और पारदर्शी विवरण प्राप्त होगा। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने बताया कि इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, लाभार्थियों को उनके मासिक चिकित्सा व्यय की समय पर जानकारी देना, योजना के प्रति विश्वास, जागरुकता एवं जवाबदेही को सुदृढ़ करना। यह एसएमएस प्रत्येक माह के अंत में स्वचालित रूप से लाभार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
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