जिला स्तरीय अधिकारी जिले को सम्भालने के साथ ही लोकसभा चुनाव में स्वीप कार्यक्रम के बतौर प्रभारी जिम्मेदारी सम्भाल रहे, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ को अभी तक यह जानकारी नहीं है कि मीडिया प्रकोष्ठ और एमसीएमसी क्या है।

सीईओ किशोर कुमार की इस अनभिज्ञता का पता उस समय चला जब कुछ अधिकारियों के साथ सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होने पहले तो सहायक सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी एवं मीडिया सेल के प्रभारी गजाधर भरत से स्वीप कार्यक्रमों के समाचारों के बारे में चर्चा की। लोकसभा चुनाव में चर्चित हो रहे शेरू तथा उसके स्टीकर लगाने पर बातचीत के बाद स्वीप प्रभारी उसी परिसर में चल रहे मीडिया सेन्टर एवं एमसीएमसी सेल को देखने चले गये।
सीईओ ने सेन्टर के बाहर लगे स्टीकर व साईन बोर्ड देखने के बाद मीडिया सेल प्रभारी भरत से मीडिया प्रकोष्ठ और एमसीएमसी के बारे में जानकारी ली।
आश्चर्य तब हुआ जब उन्होने गजाधर भरत से पूछा की एक और वो क्या होता हैए पेड न्यूज वाला तब भरत ने उन्हे बताया कि पेड न्यूज अधिप्रमाण मोनिटरिंग कमेटी का मतलब ही एमसीएमसी है, और ये दो पार्ट हैं, मीडिया प्रकोष्ठ और एमसीएमसी।
इस दौरान उन्होने मीडिया सेल में चल रहे टीवी चैनल की जानकारी ली तथा न्यूज आदि कैसे रिकाॅर्ड की जा रही है उसके बारे में वहाँ मौजूद कार्मिकों व मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी गजाधर भरत से बात की। उन्होने भरत से पूछा की पेड न्यूज के मामले साहब को भेज रहे हो क्या, इस पर भरत ने हाँ में जवाब दिया और यह भी कह दिया कि अभी तक पेड न्यूज के कोई मामले नहीं आये हैं।
इस घटनाक्रम से ऐसा लगता है कि जिला स्तर का अधिकारी होते हुऐ सीईओ साहब को चुनाव प्रक्रिया के बारे में अभी पूरी तरह जानकारी नहीं है, और न उन्होने इन सब की जानकारी रखना जरूरी समझा।
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