हमारी लाडो नवाचार में एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है। जिला कलेक्टर राजेन्द्र किशन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिलेभर की बेटियों को उनके घर पर ही पुस्तकें उपलब्ध करवाई जायें। इस व्यवस्था में शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकारी और गैर सरकारी लाइब्रेरी जिसमें विद्यालयों और कॉलेज की लाइब्रेरी शामिल हैं, से पुस्तकें जुटाकर बेटियों को उपलब्ध करवायेंगे तथा कुछ दिनों बाद पुस्तक पुनः कलेक्ट कर दूसरी बेटियों को पहुंचायेंगे।
कलेक्टर ने बताया कि ऑनलाइन एजुकेशन आज के समय की बहुत बड़ी जरूरत है लेकिन किताब का आकर्षण और महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। बेटियों को उनके कोर्स के साथ ही देश-विदेश के महान लेखकों की क्लासिक किताबें भी उपलब्ध करवायेंगे, इससे उनकी प्रतिभा में निखार आएगा।

उल्लेखनीय है कि आज शनिवार को कलेक्टर से संवाद के दौरान कुछ बेटियों ने बताया था कि अभी कोरोना के कारण स्कूल बंद है, ऑनलाइन क्लासेज कुछ ही समय चलती है, बाकी समय बोर होने से अच्छा है कि हमें पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ ही संविधान, स्वाधीनता संग्राम, महापुरूषों की जीवनियां और क्लासिक साहित्य संबंधी पुस्तकें घर बैठे मिल जाए। इस पर तत्काल कलेक्टर के मन में ‘‘ डोर टू डोर लाइब्रेरी’’ का विचार आया एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस विचार को अमली जामा पहनाने के संबंध में निर्देश प्रदान किए।
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