नई दिल्ली: भूटान की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भारत उसे चार हजार करोड़ भारतीय रुपये कर्ज के रूप में देगा। यह कर्ज रियायती दरों पर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भूटान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और कई घोषणाएं हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। पीएम मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछु-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच 1200 मेगावाट की पुनात्सांगछु-I जलविद्युत परियोजना के मुख्य बांध का काम फिर से शुरू करने पर भी सहमति बनी है। यह दोनों देशों की ओर से संयुक्त रूप से विकसित सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी। भारत और भूटान के बीच रिन्यूएबल एनर्जी, स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर एमओयू साइन हुए। इसके अलावा वाराणसी में भूटान के मंदिर/मोनेस्ट्री और गेस्ट हाउस बनाने के लिए जमीन देने का एलान भी हुआ है।
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