नई दिल्ली: आज शुक्रवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसदीय समिति की बैठक में हंगा*मे के बाद विपक्षी सदस्यों को दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार निलंबित विपक्षी सांसदों में कल्याण बनर्जी, असदुद्दीन ओवैसी समेत 10 लोग शामिल हैं। इस पर कांग्रेस सांसद और जेपीसी सदस्य इमरान मसूद ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि बहुत जल्दबाजी कर रहे हैं। ये बस तमाशा बना रहे हैं, इस मामले को लेकर वे सीरियस नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि हम सभी लोग एक ही बीत कह रहे हैं थे कि 27 जनवरी को होने वाली बैठक को 31 जनवरी को कर लीजिए। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने जेपीसी बैठक में ‘इमरजेंसी जैसी हालत’ का आरोप लगाया। पत्रकारों से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम लोगों ने बार-बार कहा कि यह मीटिंग 30-31 जनवरी को कराया जाए, लेकिन उन्होंने नहं सुना। जब हम कल रात में दिल्ली पहुंचे, बैठक का एजेंडा बदल दिया गया। पहले हमें बताया गया कि बिंदुवार बात होगी।
जो कुछ अंदर हुआ वह इमरजेंसी कार्यवाही जैसा है। वे दिल्ली के चुनाव की वजह से जल्दबाजी कर रहे हैं…यह राजनीतिक से प्रेरित है। चेयरमैन किसी की नहीं सुनते..यह जमींदारी जैसा है। वे विपक्षी सदस्यों को कोई सम्मान नहीं देते। जेपीसी नाटक हो बन गया है। उधर, वक्फ संशोधन बिल पर बनी जेपीसी के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि कल्याण बनर्जी ने मेरे खिलाफ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया और मुझे गा*लियां दीं।
उन्होंने कहा कि मैं उनसे अनुरोध करता रहा कि उन लोगों को बोलने दें, जिन्हें हमने आमंत्रित किया है। हमने सदन को बार-बार स्थगित किया लेकिन वे (विपक्षी सांसद) नहीं चाहते थे कि बैठक जारी रहे। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए मुझे लगता है कि मजबूर होकर निशिकांत दुबे ने प्रस्ताव किया और उस पर सभी ने अपनी सहमति जताई।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
