
सीड बॉल से संवरेगी प्रकृति, बारिश के बाद खुद तैयार होंगे पौधे
सामाजिक संस्था म्हारो बरवाड़ो फाउंडेशन से जुड़े युवाओं द्वारा इन दिनों वृक्षारोपण को बढ़ाने के लिए अभिनव प्रयोग किया जा रहा है। यहां के युवा सीड बॉल बनाने में जुटे हुए हैं। यह बॉल प्रकृति को हरा-भरा करने के लिए तैयार की जा रही हैं। मानसून सीजन में इस बॉल को सिर्फ फेंकना होगा और बस पौधे तैयार हो जाएंगे। संस्था से जुड़े अनेन्द्र सिंह आमेरा ने बताया की युवाओं की टीम जो मिट्टी, पानी और खाद को मिलाकर गोले बना रहे हैं। ये कोई आम मिट्टी के गोले नहीं है बल्कि सीड बॉल हैं।

दरअसल लगातार घट रहे वनों के क्षेत्रफल और इसके चलते हो रहे वातावरण में बदलाव को देखते हुए वृक्षारोपण की सलाह दुनिया के सभी पर्यावरण विशेषज्ञ दे रहे हैं। वैसे तो हर साल मानसून के दौरान वृक्षारोपण होते हैं, लेकिन उनके अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते है। इसलिए युवाओं की टीम जिसमें अनेन्द्र सिंह आमेरा, शकील मंसूरी, विमल सैनी, विनोद सैनी, सुनील नागर, राजेश सैनी, रिंकू सैनी, सोनू, निर्मल धाकड़, अशोक धाकड़, रोहित शर्मा रमाकांत वर्मा, दिनेश वर्मा, कालूराम सैनी, राहुल सैनी, कपिल देव महावर आदि ने मिलकर इस प्रकार के लगभग पांच सौ बॉल तैयार की है जिसे जून के अंतिम सप्ताह के बाद पहाड़ी और पथरीले भूमि में फैका जाएगा।
उन्होंने बताया कि सीड बाॅल बनाने लिए खेत की मिट्टी की आवश्यकता है। खेत की मिट्टी, पानी और खाद मिलाकर गोले तैयार किये जाते हैं। इन गोलों में बीज डाल दिए जाते हैं। यह दो तरीके से काम करता है या तो उसको फेंका जाता है फिर जहां वृक्षारोपण करना, वहां इसको रख दिया जाता है। मानसून आने के पश्चात जब इस में नमी होगी उससे बीजों का अंकुरण होगा और पौधे तैयार हो जाएंगे। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार इसमें 70 प्रतिशत सफलता मिली हुई है।