नई दिल्ली: धर्मां*तरण और मानव त*स्करी के आरोप में छत्तीसगढ़ के दुर्ग में गिर*फ्तार केरल की दो ननों और आदिवासी युवक सुखमन मंडावी को एनआईए की विशेष अदालत से जमानत मिलने के बाद, उन्हें दुर्ग जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल से रिहा होने वाली ननों का स्वागत करने के लिए केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और केरल बीजेपी के उपाध्यक्ष सॉन जॉर्ज विशेष रूप से जेल पहुंचे थे। उनके साथ बीजेपी सांसद पी. संतोष कुमार भी उपस्थित थे। इसके अलावा कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम समेत इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने जेल से निकलने पर दोनों ननों का स्वागत किया।
गौरतलब है कि केरल की असिसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इम्मैक्युलेट से जुड़ी सिस्टर वंदना फ़्रांसिस और सिस्टर प्रीति मैरी को 25 जुलाई को बजरंग दल के एक स्थानीय नेता की शिकायत पर दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिर*फ्तार किया गया था। इस मुद्दे पर रायपुर से लेकर केरल और दिल्ली तक हं*गामा हुआ था और इंडिया गठबंधन के कई सांसद और दूसरे जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ पहुंचकर अपना वि*रोध जताया था। इसके अलावा यह मसला संसद में भी उठा था।
राजीव चंद्रशेखर ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘गंभीर गलतफहमी और गलत सूचना’ के कारण ये ‘दुर्भाग्यपूर्ण गिर*फ्तारियां’ हुई है। उन्होंने दावा किया कि नन इन महिलाओं को उनके माता-पिता की सहमति से नौकरी के लिए आगरा ले जा रही थीं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएँ वयस्क थीं और अपनी इच्छा से आई थीं। राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि ये बहनें जबरन धर्मां*तरण और मानव त*स्करी के आरोपों से पूरी तरह निर्दोष हैं। राज्य भाजपा ननों के साथ है और उनकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगी और उन्हें बेगुनाही साबित करने में मदद करेगी।
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