
महिलाओं के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओं के लिए संचालित राष्ट्रव्यापी विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पेन इण्डिया अवेयरनेस अभियान के तहत आज शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर के तत्वाधान में अभय कुमार गुप्ता रिसोर्स पर्सन द्वारा ए.डी.आर. सेन्टर, न्यायालय परिसर, सवाई माधोपुर एवं हनुमान प्रसाद गुर्जर पैनल अधिवक्ता द्वारा आंगनबाडी केन्द्र, सखी वन स्टाॅप सेन्टर शहर सवाई माधोपुर में महिलाओं के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विधिक जागरूकता कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन अभय कुमार गुप्ता ने शिविर में उपस्थित महिलाओं को पारिवारिक कानून, महिलाएं और भारतीय संविधान, क्रिमीनल और सिविल लाॅ, श्रमिक कानून, महिलाओं और प्रजनन स्वास्थ्य के अधिकार, हिरासत में महिलाओं के अधिकार आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा कर जानकारी प्रदान की तथा उपस्थित महिलाओं को बताया कि भारतीय संविधान में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का वर्णन संविधान के तीसरे भाग में अनुच्छेद 12 से 35 तक किया गया है। इन अधिकारों में अनुच्छेद 12, 13, 33, 34 एवं 35क संबंध अधिकारो के सामान्य रूप से है।

भारतीय नागरिकों को 6 मौलिक अधिकार प्राप्त है जिनमें समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरूद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, सांस्कृतिक तथा षिक्षा का अधिकार, संवैधानिक उपचारो का अधिकार आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान की। रिसोर्स पर्सन अभय कुमार गुप्ता ने पारिवारिक कानून के संबंध में जानकारी देते हुए हिन्दु विवाह अधिनियम 1955 की जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि हर हिन्दु स्त्री पुरूष दूसरे हिन्दु स्त्री पुरूष से विवाह कर सकता है चाहे वह किसी भी जाति का हो।
एक विवाह तय किया गया है, दूसरा विवाह अमान्य एवं दंडनीय है। न्यायिक पृथक्करण, विवाह संबंध विच्छेद तथा विवाह शून्यता की डिक्री की घोषणा की व्यवस्था की गई है। श्रमिक कानून के बारे में बताया कि किसी राज्य द्वारा निर्मित उन कानूनो को श्रमिक कानून कहते है जो श्रमिकों, रोजगारप्रदाताओं तथा सरकार के बीच संबंधो को स्थापित करें।
हनुमान प्रसाद गुर्जर ने क्रिमीनल एवं सिविल लाॅ की जानकारी देते हुए अष्लीलता, दहेज हत्या, एसिड अटैक, महिलाओं की शीलता का अपमान, अपहरण, बलात्कार एवं यौन उत्पीडन, क्रूरता, घरेलू हिंसा, यौन अपराधो से बच्चों की रोकथाम अधिनियम 2012 आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में लगभग 55-60 महिलाएं उपस्थित थी। अन्त में कार्यक्रम में पधारी सभी महिलाओं का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।