मणिपुर: मणिपुर में साल 2023 में जातीय हिं*सा भड़*कने के बाद पहली बार ऐसा है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने चुराचांदपुर में करीब 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। चुराचांदपुर वही जिला है जो हिं*सा से सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 250 से अधिक लोगों की जा*न गई और हजारों लोग विस्थापित हुए। पीएम मोदी ने कहा कि बारिश के कारण मेरा हेलिकॉप्टर मणिपुर में लैंड नहीं कर सकता था इसलिए मैं सड़क के रास्ते से यहां आया हूं।
उन्होंने कहा कि मणिपुर वो मणि है जो पूरे उत्तर पूर्व को चमकाने वाली है। यहां लॉन्च की गई परियोजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से मणिपुर के लोगों, हिल्स में रहने वालों को फायदा मिलेगा, सभी के लिए नई सुविधाओं का निर्माण होगा। अच्छी सड़कें न होने से लोगों को परेशानी रही है, लेकिन 2014 से मेरी कोशिश रही है कि इसके लिए काम किया जाए। इसके लिए दो स्तर पर काम किया गया। पहला, मणिपुर के लिए सड़क और रेल रास्ते का बजट बढ़ाया और दूसरा, गांवों को कनेक्ट करने की कोशिश की।
अपने लगभग 20 मिनट के भाषण में पीएम ने कहा कि भारत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और मेरी कोशिश है कि देश के हर कोने तक इसका फायदा पहुंचे। उन्होंने हिंसा के बारे में बात की और कहा कि मणिपुर का क्षेत्र आशा और उम्मीद की भूमि है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि हिं*सा ने इसे अपनी चपेट में ले लिया था। थोड़ी देर पहले मैं उन प्रभावित लोगों से मिला हूं जो लोग कैम्प में रह रहे हैं और मैं कह सकता हूं कि उम्मीद और विश्वास की नई सुबह मणिपुर में दस्तक दे रही है।विकास के लिए शांति की स्थापना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं मणिपुर के विकास के लिए, विस्थापितों को जल्द से जल्द उचित स्थान पर बसाने के लिए, शांति की स्थापना के लिए, भारत सरकार यहां मणिपुर सरकार का ऐसे ही सहयोग करती रहेगी। मई 2023 में जातीय हिं*सा भड़*कने के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली मणिपुर यात्रा है। विपक्ष लगातार इस बात पर सवाल उठाता रहा है कि इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं गए। पिछले 28 महीनों से राज्य उथल-पुथल और राजनीतिक गतिरोध से गुजर रहा है।
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