कर्नाटक: कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ के सुदूर इलाके की एक गुफा में पुलिस को एक रूसी महिला और दो बच्चियां मिली हैं। पुलिस की गश्ती टीम को गुफा की एंट्री पर लगभग “700 से 800 मीटर नीचे” कुछ कपड़े दिखे थे, जिससे उन्हें गुफा में किसी के होने का संकेत मिला। जब गश्ती टीम जंगल से गुजर रही थी, तब उन्हें एक विदेशी बच्ची गुफा से दौड़कर बाहर निकलती दिखी। बच्ची को जंगल में देखकर पुलिस टीम को हैरानी हुई।
पुलिस ने क्या बताया:
उत्तर कन्नड़ जिले के पुलिस अधीक्षक एम नारायण ने बीबीसी हिंदी को बताया कि हमें गुफा के आसपास सांप रेंगते दिखे थे। ये इलाका इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि पिछले साल रामतीर्थ पहाड़ियों के आसपास भूस्खलन हुआ था। इसलिए पुलिस टीम अच्छी तरह से इस इलाके में गश्त लगा रही थी। हालांकि, 40 साल की रूसी महिला नीना कुटीना और उनकी दोनों बेटियां प्रेमा (छह साल) और एमा (चार साल) उस जगह पर काफी आराम से थीं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हमें उन्हें ये समझाने में थोड़ा समय लगा कि वहां रहना खतरनाक है। एक हफ्ते पहले, नीना कुछ सब्जियां और राशन का सामान लेकर आई थीं और खाना पकाने के लिए उन्होंने जंगल की लकड़ी का इस्तेमाल किया था। पुलिस को वहां नूडल्स के पैकेट और एक लोकप्रिय ब्रांड के सलाद का पैकेट मिला था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमारी टीम ने उन्हें पांडुरंग विट्ठल की मूर्ति की पूजा करते हुए भी पाया। महिला ने कहा कि भगवान कृष्ण ने उन्हें ध्यान करने के लिए भेजा है और वह तपस्या कर रही हैं।
वापस भेजा जाएगा रूस:
नीना ने पुलिस को बताया कि उनका पासपोर्ट खो गया था, लेकिन पुलिस और वन अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट खोज निकाला। उनका कहना है कि वो अक्सर भारत आती-जाती रहती थीं, लेकिन उनका वीजा 2017 में ही एक्सपायर हो गया था। नीना 18 अक्टूबर 2016 से 17 अप्रैल 2017 तक बिजनेस वीजा पर भारत आई थीं। गोवा फ़ॉरनर्स रीज़नल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िस (एफ़आरआरओ) ने उन्हें 19 अप्रैल 2018 को एग्ज़िट परमिट जारी किया था।
वो नेपाल गई और फिर बाद में आठ सितंबर 2018 को भारत लौट आई। फिलहाल पुलिस महिला को एक आश्रम और बच्चों को एक बाल गृह ले गई है। अधिकारियों का कहना है कि नीना और बच्चों को बेंगलुरु के विदेशी नागरिकों के लिए बने डिटेंशन सेंटर में लाया जाएगा और फिर रूस भेज दिया जाएगा।
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