रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान को पर्यटन नक्शे पर विश्व भर में एक विशेष पहचान मिली है, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि यहां टाइगर सफारी के लिए आने वाले वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को गाइड करने का काम एक महिला बखूबी करती है। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर भूरी पहाड़ी गांव निवासी सूरज बाई रणथंभौर की इकलौती नेचर गाइड है, जो पर्यटकों को पार्क भ्रमण के दौरान गाइड कर जंगल व वन्यजीवों के बारे में जानकारी देती है।
13 साल से कर रही गाइडिंग:-
सूरजबाई पिछले 13 साल से लगातार रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में नेचर गाइड के तौर पर काम कर रही है। वन विभाग ने मार्च 2007 में उनका और अन्य तीन महिलाओं का चयन नेचर गाइड के तौर पर किया था। प्रशिक्षण के पश्चात अप्रेल 2007 से चयनित महिलाओं ने रणथंभौर में नेचर गाइड के रूप में काम करना शुरू किया। लेकिन इस साहसिक कार्य में अन्य तीन महिलाएं खुद को साबित नहीं कर पाई, उन्होंने कुछ दिनों बाद काम छोड़ दिया। लेकिन सूरजबाई अपने जज्बे और हिम्मत के साथ अपने काम में डटी रहीं।

लैंग्वेज कोर्स करने की चाह:-
सूरजबाई ने बताया कि अंग्रेजी तो सीख ली, लेकिन अब जर्मन, फ्रेंच सहित अन्य विदेशी भाषाओं पर अपनी पकड़ बनानी है। इसके लिए वह लैंग्वेज कोर्स करना चहाती है।
अनुभव से हुई परिपक्व:-
सूरजबाई ने बताया कि ग्रामीण परिवेश से संबंध रखने के कारण वह केवल 12वीं तक ही पढ़ाई कर सकी। शुरू में अंग्रेजी नहीं आने के कारण लोग हंसते थे, लेकिन धीरे-धीरे अंग्रेजी भाषा पर अपनी पकड़ मजबूत की। अब वह गाइड के काम में परिपक्व हो गई है।
प्रोफेशनल्स के साथ किया काम:-
सूरजबाई अब तक रणथभौर में कई फिल्म मेकर और अनुभवी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के साथ काम कर चुकी हैं। प्रसिद्ध वाइल्ड लाइफ फिल्म मेकर नल्ला मुत्थु और इंग्लैण्ड के वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के्रज जोन इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा सीआईडी सीरियल फेम शिवाजी साटम को भी वह रणथंभौर में गाइड कर चुकी हैं। उनके कार्य को देखते हुए दीयाकुमारी फाउण्डेशन की ओर से उन्हें 2018 में सवाई मानसिंह द्वितीय सम्मान से समानित किया गया।
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