मलारना डूंगर उपखंड के जनसंख्या के आधार पर तीसरे कस्बे मलारना चैड़ में विगत वर्षों स्थानीय राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया था। जिससे स्थानीय निवासियों को आशा बंधी थी कि बालिकाओं को शिक्षा के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। परंतु विद्यालय में कक्षा कक्ष, टॉयलेट और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक कक्षाएं संचालित होती है। परंतु विद्यालय में उपयोग के योग्य मात्र 5 ही कमरे हैं ऐसी स्थिति में विद्यालय प्रबंधन एक कक्ष कार्यालय के लिए और चार शिक्षण कार्य के लिए काम में लेते हैं। इस दौरान कक्षाओं को संयुक्त बरामदे में बिठाकर यहां तक की कार्यालय में कक्षा बिठाकर कार्य चलाया जाता है।
विद्यालय में 322 छात्राएं अध्ययनरत है 17 कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है जिनमें 10 महिलाएं 7 पुरुष है। विद्यालय में शौचालय और पेशाब घर लगभग 20 साल पुराना है, जो उपयोग के योग्य नहीं है।

ऐसी स्थितियों में स्टाफ व छात्राओं को विकट स्थिति का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में ग्राम पंचायत द्वारा शौचालय में पेशाब घर का निर्माण किया जा रहा है परंतु यह कार्य पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। कारण जानने पर ग्राम विकास अधिकारी जगराम मीणा ने बताया कि बजरी नहीं मिलने से कार्य बंद है।
प्रधानाचार्य शांति जौहरी ने बताया कि विद्यालय में कक्षा कक्ष, शौचालय व पेशाब घर की सुविधा का अभाव है इसके लिए विभागीय स्तर पर कक्षा कक्ष निर्माण के लिए रमसा में फाइल लगाई गई है वही शौचालय पेशाब घर के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को कहा गया है।