तब जयपुर नहीं बसा था। आमेर महाराजा मानसिहं प्रथम का ढूंढाड़ पर शासन था। आमेर के राजपुरोहित जी के पोते की सगाई सांगानेर के पुरोहित खानदान में हुई थी। उन दिनों बरातें कई दिन तक ठहरती थी। जीमण के दौरान आमेर के एक बराती के द्वारा मजाकिया अंदाज में ताना …
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