Saturday , 7 March 2026
Breaking News

वेस्ट डीकम्पोजर जैविक खेती के लिए नई उम्मीद

खेती में रासायनों के प्रयोग अंधाधुंध होने लगा, जिससे पर्यावरण प्रदूषित तथा भूमि की उर्वरा शक्ति में निरंतर गिरावट जारी है, जो मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ सभी जीवों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।
करमोदा के कृषि पर्यवेक्षक विजय जैन ने बताया कि वेस्ट डीकंपोजर भूमि को उपजाऊ बनाने में कारगर साबित हुआ है। कृषि विभाग की ओर से आत्मा योजना के तहत नवाचार गतिविधि वेस्ट डीकंपोजर का प्रदर्शन किसान कलामुद्दीन खान करमोदा के खेत पर लगाया। कृषि अधिकारियों ने वेस्ट तैयार करने के तरीका एवं उसके उपयोग की जानकारी दी। कार्बनिक पदार्थो का अपघटन मृदा में सूक्ष्म जीवों द्वारा किया जाता है, ये मृदा में पोषक तत्वों के चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। ऐसे सूक्ष्म जीव जो मृदा में उपस्थित कार्बनिक पदार्थो का विघटन करने का काम करते है उन्हें डीकम्पोजर (अपघटक) कहते है।
राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र गाजियाबाद ने 2015 में वेस्ट डीकम्पोजर (कचरा/अपशिष्ट अपघटक) नामक एक उत्पाद तैयार किया है, जिसका उपयोग अपशिष्ट कचरे से कम्पोस्ट खाद बनाने में किया जाता है, यह मृदा स्वास्थ्य सुधार के साथ-साथ पोध संरक्षण का कार्य भी करता है।

West decomposer new hope for organic farming
वेस्ट डीकम्पोजर देशी गाय के गोबर से निकला गया सूक्ष्म जीवों का संघ है जिसमे सभी प्रकार के कार्बनिक पदार्थों के अपघटक सूक्ष्म जीव सम्मिलित होते है। इसकी 30 ग्राम बोतल की कीमत 20 रूपए है।
डीकंपोजर घोल तैयार करने के लिए सबसे पहले 2 किलो गुड़ लेकर 200 लीटर क्षमता वाले प्लास्टिक के ड्रम में पानी के साथ अच्छी तरह मिलाते है तथा मिलाने के बाद पूरा पानी से भर देते है। ध्यान रखने वाली बात यह है की इसे छायादार स्थान पर ही रखते है। अब वेस्ट डीकम्पोजर की 1 बोतल को पानी में अच्छी तरह मिलाते है।
प्लास्टिक ड्रम में वेस्ट डीकंपोजर के समान वितरण के लिए लकड़ी की छड़ी से इसे रोजाना अच्छी तरह से हिलाते है। इस प्रकार 5-7 दिनों के बाद यह वेस्ट डीकम्पोजर का घोल उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।
इस घोल से किसान बार-बार वेस्ट डीकंपोजर घोल तैयार कर सकते हैं, इसके लिए 20 लीटर वेस्ट डीकंपोजर घोल में 2 किलोग्राम गुड़ मिलाते है और 180 लीटर पानी मिलाया जाता है। इस प्रकार किसान जीवनभर के लिए इस वेस्ट डीकंपोजर से लगातार घोल को तैयार कर उपयोग में ले सकते है।
कम्पोस्ट खाद बनाने में वेस्ट डीकंपोजर का उपयोग किया जाता है। सबसे पहले छाया में एक प्लास्टिक की चादर बिछाते है तथा उस पर 1 टन फसल अपशिष्ट फैला देते है, अब इन फसल अपशिष्ट पर पानी का छिड़काव करते है और तैयार वेस्ट डीकंपोजर घोल की 20 लीटर मात्रा का छिड़काव करते है। इस परत पर के ऊपर फसल अपशिष्ट की एक और परत फैलाते है फिर से इस खाद की परत के ऊपर 20 लीटर वेस्ट डीकंपोजर घोल का अच्छी तरह छिड़काव करते है। इस प्रकार तैयार 200 लीटर वेस्ट डीकंपोजर को अपशिष्ट की 20 परतों के लिए काम में लेते है। खाद बनाने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान व जब तक खाद बन ना जाये इसमें 60 प्रतिशत नमी बनाए रखते है तथा इसे प्रत्येक 7 दिनों के अंतराल पर पलटते रहते है। फिर 30 दिनों में खाद उपयोग के लिए तैयार हो जाती है।
वेस्ट डीकंपोजर एक जैविक हथियार है जो फसलों की कीट व बीमारियों से सुरक्षा करेगा तथा हर प्रकार से पोषण प्रदान करेगा। इससे किसानों का रसायनों पर होने वाला खर्च कम होगा व आमदनी बढ़ेगी और साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

About Vikalp Times Desk

Check Also

Government will give Rs 50 lakh for rearing donkeys

गधे पालने पर सरकार देगी 50 लाख रुपए!

नई दिल्ली: सुनकर हैरानी तो हुई होगी आपको, लेकिन ये सच है। अगर आप पशुपालन …

Petrol will change from April 1st Will it affect your vehicle or will you benefit Learn the full truth about E20

1 अप्रैल से बदलेगा पेट्रोल! आपकी गाड़ी पर पड़ेगा असर या मिलेगा फायदा? जानिए E20 का पूरा सच

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से पूरे देश में 20% एथेनॉल मिश्रित E20 …

Railways has a special gift for Holi Holi special trains will run

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! होली पर रेलवे की खास सौगात, चलेगी होली स्पेशल ट्रेन

कोटा: होली (Holi) के त्यौहार को देखते हुए रेलवे प्रशासन (Indian Railways) द्वारा यात्रियों के …

Those with more than two children can now contest panchayat and municipal elections in Rajasthan

राजस्थान में बड़ा राजनीतिक बदलाव! दो से ज्यादा बच्चों वाले अब पंचायत-निकाय चुनाव लड़ सकेंगे

जयपुर: 25 फरवरी 2026 राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने आज दोपहर कैबिनेट बैठक में …

5 OTT aaps closed by government of india

अ*श्लील कंटेंट पर कड़ा प्रहार, 5 OTT ऐप्स बै*न, इस्तेमाल किया तो फंस सकते हैं आप!

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते …

error: Content is protected !! Contact Vikalp Times Team !