नई दिल्ली: सरकार ने पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर की गई है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दी गई है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ यह कदम एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी जैसी तेल कंपनियों की मदद के लिए उठाया गया है।
इसका मकसद तेल कंपनियों को मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों से मुकाबले के लिए सपोर्ट करना है। वित्त मंत्रालय ने 26 मार्च को जारी एक अधिसूचना में, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को पहले के 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर लगने वाले शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर को पूरी तरह ख़त्म कर दिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि ये शुल्क कटौती तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या दोनों की कीमतें भी कम होगी? आम उपभोक्ताओं के लिए शायद यह खबर उतनी राहत भरी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक पंप पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना कम है, लेकिन इसका सीधा फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मिलेगा।
ठीक एक महीने पहले इसराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान ईरान समेत खाड़ी देशों में ऊर्जा ठिकानों पर ह*मले भी हुए हैं। दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई के अहम मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरानी नाकेबंदी ने इस संकट को ज्यादा बढ़ा दिया है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया की तेल सप्लाई का क़रीब 20% गुजरता है।
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