नई दिल्ली:1 अप्रैल 2026 से देश में नया इनकम टैक्स (Income Tax) सिस्टम लागू होने जा रहा है। इसके साथ ही सैलरी, कंपनी से मिलने वाली सुविधाएं, रिटायरमेंट फंड और गिफ्ट्स पर टैक्स का नया तरीका लागू होगा। नए नियमों का असर खासतौर पर नौकरीपेशा और मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा।
जाने क्या है 10 बड़े बदलाव जो आपकी जेब पर डालेंगे असर
- कंपनी अगर आपके PF, NPS और सुपरएन्युएशन फंड में सालभर में ₹7.5 लाख से ज्यादा जमा करती है, तो अतिरिक्त रकम और उस पर मिलने वाला रिटर्न टैक्स के दायरे में आएगा।
- कंपनी द्वारा दिए गए घर की टैक्स वैल्यू अब शहर की आबादी के हिसाब से तय होगी। बड़े शहरों में सैलरी का 10% हिस्सा टैक्सेबल माना जाएगा।
- अगर कंपनी ने किराए पर घर लेकर आपको दिया है, तो कंपनी का दिया किराया या आपकी सैलरी का 10%, दोनों में जो कम होगा उसी पर टैक्स लगेगा।
- ऑफिस की कार को निजी काम में इस्तेमाल करने पर अब हर महीने ₹5,000 से ₹7,000 तक की तय टैक्स वैल्यू जोड़ी जाएगी। ड्राइवर होने पर ₹3,000 अतिरिक्त टैक्सेबल माना जाएगा।
- कंपनियों से मिलने वाले गिफ्ट और वाउचर अब सालभर में ₹15,000 तक ही टैक्स फ्री रहेंगे। इससे ज्यादा रकम पर टैक्स देना होगा।
- ऑफिस में मिलने वाला खाना या मील कूपन ₹200 प्रति मील तक टैक्स फ्री रहेगा।
- कंपनी से कम ब्याज या बिना ब्याज पर लिए गए लोन पर भी टैक्स लगेगा। हालांकि ₹2 लाख तक के लोन और गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लिए गए लोन को छूट मिलेगी।
- टैक्स-फ्री कमाई से जुड़े खर्चों के लिए नया 1% फॉर्मूला लागू होगा।
- भारत में काम करने वाली विदेशी डिजिटल कंपनियों पर टैक्स लगेगा, अगर उनका भारत में कारोबार ₹2 करोड़ से ज्यादा है या 3 लाख से ज्यादा भारतीय यूजर हैं।
- इन बदलावों का असर आपकी टेक-होम सैलरी, फॉर्म-16 और सैलरी स्लिप पर भी दिखेगा। कंपनियों को अपने सैलरी स्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर अपडेट करने होंगे।
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