सवाई माधोपुर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान रखता है। यहां हजारों देशी विदेशी पर्यटक टाइगर को देखने पहुंचते हैं। वही टाइगर रिजर्व (Ranthambore National Park) के बीचों बीच स्थित विश्व प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर है। इस मंदिर का रास्ता भी टाइगर रिजर्व के बीच ही पड़ता है। टाइगर रिजर्व गणेश मंदिर मार्ग पर आए दिन टाइगर मूवमेंट देखने को मिलता है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को भी दोपहर गणेश धाम गेट से त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर टाइगर का मूवमेंट नजर आया।
टाइगर (Tiger) होने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने सुरक्षा की दृष्टि से गणेश धाम गेट को कुछ देर के लिए बंद कर दिया और सभी टैक्सी एवं अन्य वाहनों को गेट पर ही रोक दिया। लेकिन गेट बंद करने के दौरान वन कर्मियों की लापरवाही ओर नामी होटल वालों के साथ उनकी मिली भगत भी दिखाई दी। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार गणेश धाम गेट पर तैनात वन कर्मियों को गणेश मंदिर मार्ग पर टाइगर होने की सूचना मिली उसी समय उन्होंने आम लोगों के चौपहिया वाहनों तथा टैक्सियों को तो रोक दिया और कुछ चुनिंदा जिप्सियों को तुरंत गेट के अंदर लेकर गेट बंद कर दिया।
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार जहाँ टाइगर मुख्य सड़क पर बैठा हुआ था वहां दोनों तरफ से पर्यटकों के वाहनों ने टाइगर को घेर रखा था। मिली जानकारी के अनुसार इस घटना की जैसे ही विभाग के उच्च अधिकारियों को खबर मिली तो वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वहां जमा सभी वाहनों को हटाया तब जाकर टाइगर कुछ दूर मुख्य सड़क पर चलने के बाद जंगल की ओर कूच कर गया। उसके बाद गणेश धाम का गेट खोला गया। देखने की बात यह है कि विभाग के कार्मिक अन्य वाहनों पर तो दुनिया भर के नियम कायदे लागू करते हैं, वही बड़े-बड़े होटल वालों, जिप्सी चालकों ओर गाइडों को जंगल में बढ़ावा देते हुए नजर आते हैं। विभाग को ऐसे कर्मचारी और जिप्सी चालकों ओर गाइडों पर कार्यवाही करनी चाहिए ताकि वन्यजीवों और जंगल के नियम बरकरार बने रहें।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
