सवाई माधोपुर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore National Park) से दो बाघिनों (Tigress) के लापता होने की खबर ने वन विभाग (Forest Department) की चिंता बढ़ा दी है। लापता बाघिनों (Female Tiger) में बाघिन टी-124 रिद्धि की बेटी आरबीटी-2504 ‘माही’ और बाघिन आरबीटी-2510 (Tiger) शामिल हैं। दोनों कई दिनों से वन विभाग (Jungle) की नजरों से ओझल हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

बाघ परियोजना के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि युवा बाघिन “माही” अपनी मां टी-124 की टेरिटरी पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रही थी। इसी को लेकर दोनों के बीच कई बार टेरिटोरियल फाइट भी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि 3 मई को भी दोनों के बीच संघर्ष हुआ था, जिसके बाद से माही नजर नहीं आई। वन विभाग के अनुसार बाघिन माही का मूवमेंट रणथंभौर (Ranthambore) के जोन 2, 3 और 4 के लेक एरिया में रहता था, लेकिन करीब एक महीने से उसकी कोई लोकेशन नहीं मिली है।
वहीं बाघिन आरबीटी-2510 भी झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी और फलोदी क्षेत्र में दिखाई देती थी, लेकिन अब वह भी कई दिनों से गायब है। दोनों बाघिनों की तलाश के लिए वन विभाग की टीमें लगातार जंगल में सर्च कर रही हैं। साथ ही करीब 100 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, ताकि उनकी मूवमेंट का पता लगाया जा सके।
डीएफओ मानस सिंह ने कहा कि रणथंभौर (Ranthambore Tiger Resever) देश का सबसे ज्यादा घनत्व वाला टाइगर रिजर्व बन चुका है। यहां बाघों की संख्या क्षमता से ज्यादा हो गई है, जिसके चलते टेरिटरी को लेकर संघर्ष बढ़ना स्वाभाविक है। वर्तमान में रणथंभौर में 77 से अधिक बाघ, बाघिन और शावक मौजूद हैं, जबकि पार्क की क्षमता करीब 45 से 55 बाघों की मानी जाती है।
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