सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) जिले के बहतेड़ (Behted, Sawai Madhopur) गांव के युवा बाइक राइडर (Bike Rider) एवं सोशल मीडिया (Social Media) क्रिएटर फ़ैज़ुल इस्लाम ने साहस, अनुशासन और सुरक्षित एडवेंचर टूरिज्म (Tourism) का प्रेरणादायक (Motivational) उदाहरण पेश करते हुए लगभग 1,850 किलोमीटर का मनाली-लद्दाख (Manali-Ladakh) बाइक अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। दुर्गम पहाड़ी रास्तों, अत्यधिक ऊंचाई, बदलते मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच यह यात्रा न केवल उनके जुनून का प्रमाण बनी, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार बाइक टूरिंग का सशक्त संदेश भी लेकर आई।

लगभग 1,850 किलोमीटर लंबे इस अभियान के दौरान फ़ैज़ुल इस्लाम ने जिस्पा (Jispa), लेह (Leh), नुब्रा वैली (Nubra Valley), हुंडर (Hunder), पैंगोंग झील (Pangong Lake), हानले (Hanle), त्सो मोरीरी (Tso Moriri) और पुगा वैली (Puga Valley) सहित लद्दाख (Ladakh) के अनेक प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों (Famous Tourism Place) का भ्रमण किया। यात्रा का सबसे यादगार पड़ाव रहा उमलिंग ला (Umling La), जिसे विश्व के सबसे ऊंचे मोटरेबल रोड (The world’s highest motorable road) में गिना जाता है। समुद्र तल से लगभग 19,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित इस मार्ग तक पहुंचना किसी भी बाइक राइडर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
अपने इस अभियान में उन्होंने हिमालय के कई दुर्गम और प्रतिष्ठित पर्वतीय दर्रों-बारालाचा ला (Baralacha La), नकिला (Nakee La), लाचुलुंग ला (Lachulung La), तंगलंग ला (Tanglang La), खारदुंग ला (Khardung La), चांग ला (Chang La/Pangi La) तथा उमलिंग ला (Umling La) पास-को सफलतापूर्वक पार किया। वहीं पैंगोंग (Pangong) क्षेत्र में ऑफ-रोड ट्रैक पर राइडिंग करते हुए उन्होंने कठिन इलाकों में बाइक नियंत्रण, धैर्य और तकनीकी कौशल का भी परिचय दिया।
फ़ैज़ुल इस्लाम ने बताया कि यह यात्रा केवल रोमांच तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों, विशेष रूप से युवाओं, को यह संदेश देना भी था कि एडवेंचर टूरिज्म (Adventure Tourism) का वास्तविक आनंद तभी है जब उसे पूरी तैयारी, उचित सुरक्षा उपकरणों और यातायात नियमों (Traffic Rules) का पालन करते हुए किया जाए।
यात्रा के दौरान उन्होंने अपने सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफ़ॉर्म्स पर नियमित रूप से वीडियो, फ़ोटो और अनुभव साझा किए। इन माध्यमों से उन्होंने लंबी दूरी की बाइक यात्रा से पहले आवश्यक तैयारी, बाइक की तकनीकी जांच, राइडिंग गियर की अनिवार्यता, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां तथा सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर लोगों को जागरूक किया। उनके कंटेंट को बाइकिंग और ट्रैवल समुदाय में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
फ़ैज़ुल का मानना है कि भारत के हिमालयी क्षेत्र केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी की भी सीख देते हैं। उनका उद्देश्य आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को सुरक्षित, जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील एडवेंचर टूरिज्म के लिए प्रेरित करना है।
मनाली (Manali) से लद्दाख तक का यह सफल अभियान रोमांच, दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और सुरक्षित यात्रा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। यह साबित करता है कि सही योजना, पर्याप्त तैयारी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कठिन से कठिन यात्रा को भी सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।
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