जयपुर: राजस्थान मानसून का दौर लगातार जारी है। बारिश से फसलों भी प्रभावित हो रही है। लगातार हो रही वर्षा से फसलों में खरपतवारों की अधिक वृद्धि हो रही है। समय पर कृषक क्रियाएं संपादित नहीं होने एवं कीट-व्याधि के प्रति मौसम की अनुकूलता होने के कारण फसलों में कीट- व्याधि के प्रकोप होने की प्रबल संभावना है।
गत वर्षों में मक्का में फाल आर्मीवर्म, कपास में गुलाबी सुण्डी, सफेद मक्खी व थ्रिप्स, बाजरा में फड़का व कातरा, सोयाबीन में गर्डल बीटल व सेमीलूषर, ग्वार में कातरा, मूंग, मोठ में फली छेदक और अरण्डी में सेमीलूशर आदि का प्रकोप मुख्यतः देखने को मिला था। कीट-व्याधि के नियंत्रण व प्रभावी प्रबंधन के लिए समय-समय पर विभाग द्वारा विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं।

आयुक्त कृषि कन्हैया स्वामी ने बताया कि कीट-व्याधि पर सतत निगरानी एवं सर्वेक्षण हेतु वर्ष 2024-25 के लिए रेपिड रोविंग सर्वे के दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कार्यरत समस्त कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित भ्रमण कर कृषकों के सम्पर्क में रह कर फसल प्रबंधन संबंधी तकनिकी जानकारी से किसानों को अवगत करवाएं। साथ ही वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएं।
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