जयपुर: खान एवं भू-विज्ञान विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने माइनिंग सेक्टर में राजस्व बढ़ोतरी के समन्वित प्रयास करने के निर्देश देते हुए निर्धारित शत-प्रतिशत लक्ष्य अर्जित करने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 17 जून तक 1670 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित हुआ है जो इसी अवधि का अब तक का सर्वाधिक राजस्व है।
उन्होंने विभागीय गतिविधियों में पारदर्शिता लाने की दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुए माइनिंग से जुड़ी सभी एप्लीकेशन्स को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी को भी कार्य विशेष के लिए विभाग के कार्यालयों में अनावश्यक नहीं आना पड़े। प्रमुख सचिव टी. रविकान्त शुक्रवार को उदयपुर खनिज भवन में हाईब्रिड मोड पर विभागीय अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा माइनिंग प्लान के ऑनलाइन अनुमोदन की व्यवस्था कर दी है।
इसी तरह से लीज इनफोरमेशन और डिमाण्ड सिस्टम की संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन करने से समय व धन की बचत के साथ ही खानधारकों को बड़ी राहत मिलने लगी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशन में अब पायलट आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निैग सिस्टम का उपयोग मिनरल एक्सप्लोरेशन के लिए शुरु किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों का विश्लेषण कर इसे और अधिक विस्तारित किया जाएगा।
इसी तरह से डीएमएफटी को और अधिक व्यावहारिक बनाते हुए खनन प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला बाल विकास सहित सीधे आम आदमी से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में संयुक्त सचिव आशु चौधरी, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सुनील वर्मा, जेएलआर गजेन्द्र सिंह, विभाग के अतिरिक्त निदेशक माइनिंग और भूविज्ञान, अधीक्षण खनिज अभियंता, एमई-एएमई व अधीक्षण भू-वैज्ञानिक अधिकारियों ने भाग लिया।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
