सवाई माधोपुर: (राजेश शर्मा) – निकटवर्ती टोंक जिले की अलीगढ़ तहसील के ग्राम उखलाना में ग्राम पंचायत उखलाना द्वारा राजकीय विद्यालय के निकट सरकारी भूमिका का खेल मैदान हेतु आवंटन कर खेल मैदान की स्वीकृति हेतु जिला परिषद टोंक को तकमीना व प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था। गांव के जागरूक लोगों ने बताया कि खेल मैदान की सरकारी भूमि पर कुछ प्रभाव शाली द*बंग लोगों ने जबरन अतिक्रमण कर लिया है, जिसकी कई बार मौखिक व लिखित शिकायतें जिला प्रशासन को की गई, लेकिन किसी अधिकारी ने खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
ग्रामीणों ने बताया कि गत 6 अगस्त को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चकचैनपुरा सवाई माधोपुर पहुंचे तो उन्हें ग्राम पंचायत उखलाना प्रशासक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा खेल मैदान स्वीकृति दिए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने उखलाना ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए 6 अगस्त 25 को ही जिला कलक्टर टोंक को पत्र भिजवाकर अविलंब कार्यवाही के निर्देश दे दिए।
मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी प्रेम चंद सोलंकी द्वारा लिखे गए पत्र के बाद टोंक कलक्टर भी हरकत में आए और उन्होंने अपने अधीनस्थों को शायद शीघ्र उचित कार्यवाही के निर्देश दे दिए। इस कार्यवाही के चलते तहसीलदार अलीगढ़ ने 12 सितम्बर को नायब तहसीलदार सौंप के नेतृत्व में 2 भू-अभिलेख निरीक्षकों तथा 6 पटवारियों की एक टीम बनाकर 23 सितम्बर को उखलाना ग्राम के खेल मैदान की खसरा नंबर 2605/196 से अतिक्रमण हटाने के आदेश दे दिए।
तहसीलदार ने उपजिला कलक्टर उनियारा को अतिक्रमण हटाने के आदेश की प्रति भेजकर 20 पुलिस कांस्टेबल पुरुष तथा 10 महिला कांस्टेबल अतिक्रमण हटाने वाली राजस्व विभाग टीम को उपलब्ध कराने की बात कही वहीं तहसीलदार ने उखलाना पंचायत को भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इतनी कागजी कार्यवाही होने के साथ ही कलक्टर और मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश अतिक्रमणकारियों के सामने पूरी तरह बोने साबित हो गए, क्यों कि आज तक तहसीलदार द्वारा गठित 9 सदस्यीय टीम गांव में जाकर खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाई है।
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