नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ढाका कोर्ट के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कोर्ट के फैसले को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया है। कोर्ट से फैसला आने के बाद शेख हसीना की तरफ से पांच पन्नों का बयान जारी किया गया है। उसमें कहा गया है कि मौ*त की सजा अंतरिम सरकार का अवामी लीग को एक राजनीतिक ताकत के रूप में अमान्य करने का तरीका है। अवामी लीग शेख हसीना की पार्टी है।
इससे पहले शेख हसीना ने इस मुकदमे को एक तमाशा बताया था और अपने खिलाफ सभी आरोपों से इंकार किया था। उन्होंने कहा था कि मुझे मेरे ऊपर आरोप लगाने वालों का सामना उचित न्यायाधिकरण में करने में कोई डर नहीं है, जहां सबूतों का निष्पक्ष मूल्यांकन और परीक्षण किया जा सकता है। उन्होंने अंतरिम सरकार को हेग में मौजूद अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के सामने इन आरोपों को लाने की चुनौती दी थी।
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी पाते हुए मौ*त की सजा सुनाई है। शेख हसीना पर पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए वि*द्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप तय किए गए थे। भारत में निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना की गैर मौजूदगी में उनके खिलाफ मामला चलाया गया था।
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