सवाई माधोपुर: जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग द्वारा सवाई माधोपुर का 263वां स्थापना दिवस 17 से 19 जनवरी तक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में दूसरे दिन जिले में प्रकृति संरक्षण, कला, खेलकूद और लोक-संस्कृति से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन की सक्रिय सहभागिता रही।
सुबह सवेरे लवकुश वाटिका में नेचर वॉक:
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रातः 8 बजे चौथ का बरवाड़ा स्थित लवकुश वाटिका में नेचर वॉक का आयोजन किया गया। सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह वॉक वाटिका के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर तलाई, सघन ढाक वन क्षेत्र से होते हुए वॉच टावर तक पहुँची। वॉच टावर पर प्रतिभागियों ने विश्राम किया, तत्पश्चात पुनः तलाई मार्ग से होते हुए प्रवेश द्वार पर नेचर वॉक का समापन हुआ।
इस आयोजन में चौथ का बरवाड़ा प्रधान, उपखण्ड अधिकारी जोगेंद्र सिंह, सहायक वन संरक्षक मनीषा शर्मा, तहसीलदार नीरज सिंह, रेंजर कैलाश शर्मा, विकास अधिकारी इंद्राज मीणा सहित चौथ का बरवाड़ा उपखण्ड का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। प्रतिभागियों ने प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता और वन्य जीवन के महत्व पर चर्चा की।
पंच गौरव खेल : पुलिस लाइन मैदान में फुटबॉल मुकाबले: स्थापना दिवस के अवसर पर पंच गौरव खेल के अंतर्गत जिला खेल अधिकारी की ओर से पुलिस लाइन मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता में चार टीमों ने भाग लिया। मुकाबले में खेलो इंडिया टीम विजेता तथा पंच गौरव टीम उपविजेता रही। इस आयोजन में मुख्य अतिथि नगर परिषद आयुक्त सहित पी.जी. कॉलेज सवाई माधोपुर के प्राचार्य, शारीरिक शिक्षा डॉ. रामलाल बैरवा, उप निरीक्षक तेज सिंह जाट, जिला खेल अधिकारी के.एम. नारायण एवं अन्य लोग उपस्थित थे। इस दौरान खिलाड़ियों को खेल किट, मोमेंटो एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
दशहरा मैदान में पद दंगल और लोक-संस्कृति की धूम:
स्थापना दिवस के अवसर पर दशहरा मैदान में आयोजित अमरूद एक्सपो के दौरान लोक परंपराओं से जुड़े पद दंगल कार्यक्रमों ने विशेष आकर्षण बटोरा। जल सिंह एवं ग्राम खेड़ी की पद दंगल पार्टी, बड़ागांव कहार, जडावता तथा डैकवा की कन्हैया पद दंगल पार्टियों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दी। पद दंगल के दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने लोकगीतों की धुन पर उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई, जिससे कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा का संचार हुआ। इसी क्रम में शाम को दशहरा मैदान में रणथम्भौर की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय लोक संगीत और नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
रणथम्भौर कला शिविर में चित्रकारों ने कैनवास पर बिखेरे रंग:
स्थापना दिवस समारोह के मुख्य आयोजन स्थल दशहरा मैदान में चित्रकारों के शिविर में दूसरे दिन रविवार को भी बाघों और वन्यजीव संरक्षण आदि विषयों पर चित्र बनाए गए। “कला के जरिए वन्यजीव संरक्षण” थीम पर आयोजित शिविर में स्थानीय तथा देश के दूसरे हिस्सों से आए चित्रकार और स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
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