नर्सिंग टीचर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश प्रवक्ता सैयद बलीग अहमद ने चिकित्सा मंत्री द्वारा डेपुटेशन निरस्त करने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत तो किया है, परंतु साथ ही उन्होंने कैडर रिव्यू किए बिना, नए नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती किए बिना, लंबित डीपीसी किए बिना और डेपुटेशन निरस्त करने के निर्णय से नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण कार्य गंभीर तरीके से प्रभावित होने की संभावना भी जताई है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि एएनएम तथा जीएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को कॉलेज ऑफ नर्सिंग की भांति चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के स्थान पर चिकित्सा शिक्षा विभाग में लिया जाए एवं कैडर रीव्यू करते हुए सर्वप्रथम सबसे छोटी इकाई एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों से पीएचएन के पदों को इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मापदंड अनुसार, 2016 में केंद्र सरकार द्वारा जारी पदनाम परिवर्तन के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार नर्सिंग ट्यूटर में परिवर्तित और एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के नर्सिंग अधीक्षक के पद को प्रिंसिपल इन नर्सिंग किया जाए।
जिसके कारण 168 पीएचएन के पद नर्सिंग ट्यूटर में तथा 28 नर्सिंग अधीक्षक के पद प्रिंसिपल में परिवर्तित हो जाएंगे। साथ ही एएनएम प्रशिक्षण केंद्र पर मृतप्राय पड़े एसएसआई के पद को वाइस प्रिंसिपल के पद में क्रमोन्नत करने की आवश्यकता बताई। सवाई माधोपुर की तरह नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत संचालित राजसमंद, हनुमानगढ़, बूंदी एवं दौसा जैसे एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों पर मापदंड के अनुसार स्थाई नर्सिंग शिक्षकों के पद सृजन कर उन पर अविलंब भर्ती की मांग भी की है।

एसोसिएशन के जिला सचिव आशीष महावर ने बताया कि राजमेस सोसाइटी अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज में 8 नर्सिंग ट्यूटर के पदों की तरह स्ववित्त पोषित 8 नर्सिंग कॉलेजों में भी स्थाई नर्सिंग शिक्षकों के पद सृजित किए जाएं जिससे नर्सिंग कॉलेजों में 254 नर्सिंग ट्यूटर के पद सृजित हो सकेंगे। इस प्रकार प्रदेश में सभी को मिलाकर लगभग 940 नर्सिंग ट्यूटर के पदों पर भर्ती हो सकेगी। जिसे राज्य सरकार के नियमानुसार 50 प्रतिशत डीपीसी के आधार पर तथा 50 प्रतिशत आरपीएससी के द्वारा चयनित किए जाएं।
आरपीएससी द्वारा प्रायोजित परीक्षा में संविदा पर कार्यरत नर्सिंग ट्यूटर को 10, 20 ,30 प्रतिशत का प्रतिवर्ष बोनस दिया जाए। एसोसिएशन के जिला संरक्षक सुनील कुमार जैमिनी ने वाइस प्रिंसिपल एवं प्रिंसिपल के पदों पर लंबित डीपीसी को भी शीघ्र करने की मांग करते हुए कॉलेज ऑफ नर्सिंग मैं नवसृजित असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर, वाइस प्रिंसिपल तथा प्रिंसिपल के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कर योग्य नर्सिंग शिक्षकों की पदोन्नति की डीपीसी की अवश्यकता पर जोर दिया। विज्ञप्ति के अंत में एसोसिएशन के जिला महासचिव भूपेश शर्मा ने नर्सिंग ट्यूटर की पद को अन्य समकक्ष कैडर की भांति लेक्चरर इन नर्सिंग में परिवर्तित कर राजपत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
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