ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए फर्जी एनओसी देने के मामले में अब सरकार ने सख्ती दिखाई है। सूत्रों से पता चला है कि स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इस मामले में जिम्मेदारों से इस्तीफा मांगा है। सूत्र बता रहे हैं कि पहली बार इस मामले में फाइलों पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है। इस मामले में एसएमएस के सुप्रीडेंटेंट अचल शर्मा, कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव बगरहट्टा और आरयूएचएस के वीसी सुधीर भंडारी से इस्तीफा मांगा है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक और कॉलेज के प्रिंसिपल के लिए 4-4 नामों का पैनल बना कर भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो डॉ. सुधीर भंडारी की भूमिका पर विभाग ने सबसे अधिक नाराजगी जताई है। विभाग का मानना है कि उन्होंने अपने स्तर पर एक्ट और पॉवर का दुरुपयोग किया है।

सीएम एक स्पेशल सेल का कर सकते हैं गठन
अब इस मामले में मुख्यमंत्री के स्तर पर एक स्पेशल सेल का गठन किया जा सकता है। फिलहाल जयपुर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसीबी और गुड़गांव पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। खबर यह भी है कि स्वास्थ्य विभाग की 3 अप्रैल को गठित कमेटी भी जल्द ही अपनी पली रिपोर्ट सौंप सकती है। विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कमेटी की बैठक लंबे समय तक क्यों नहीं हुई। इस दौरान ऑर्गन ट्रांसप्लांट होते रहे हैं, खबरें भी आईं लेकिन, एनओसी देने वाली कमेटी के नजर में कोई मामला नहीं आया। शुरुआत में विभाग कमेटी के सदस्यों के प्रति नरमी बरत रहा था। क्योंकि, कमेटी के सदस्यों ने ही इस फर्जीवाड़े की सूचना दी थी। लेकिन, अब जांच के दौरान लापरवाही स्पष्ट होने से कमेटी के सदस्यों पर कार्रवाई निश्चित मानी जा रही है।
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