सिरोही: जैसलमेर जिला कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर विवाद गहरा गया है। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) ने प्रभारी मंत्री केके बिश्नोई को ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर पर मनमानी और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन के आरोप लगाए हैं। संगठन के प्रभारी सचिव विक्रमसिंह करणोत ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ के साथ एकतरफा कार्रवाई की गई।
राठौड़ पिछले 22 वर्षों से वैध अनुमति के साथ “स्वाद रेस्टोरेंट” चला रहे थे, लेकिन नवंबर 2025 में बिना लिखित आदेश के रेस्टोरेंट खाली करने के निर्देश दिए गए। ज्ञापन में कहा गया कि कोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी। 23 दिसंबर को गैस (LPG Gas Cylinder) सिलेंडर जब्त कर किचन सील किया गया और लाइसेंस नवीनीकरण भी रोक दिया गया। मामला 17 मार्च को और गंभीर हो गया, जब आरोप है कि पुलिस बल की मौजूदगी में JCB मशीनों से रेस्टोरेंट को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे करीब सवा करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
पत्रकार संगठन ने इसे एक निर्भीक पत्रकार की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कलेक्टर के निलंबन की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कार्रवाई पर रोक और पीड़ित को मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।इस मुद्दे पर प्रदेशभर में पत्रकारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और आं*दोलन की चेतावनी दी गई है। अब यह मामला सरकार के लिए बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
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