नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने निर्मला सीतारमण के आरोपों पर राज्यसभा में जवाब दिया है। उन्होंने अपना भाषण संविधान की उस प्रस्तावना से शुरू किया, जिसे शुरूआत में अपनाया गया था। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि आरएसएस और जनसंघ की मंशा मनुस्मृति के आधार पर कानून बनाने की थी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि जिनका विश्वास असमानता पर था वो समाजवाद की बात करते हैं।
जो लोग संविधान से नफरत करते हैं वो आज हमें पाठ पढ़ा रहे हैं। जिस दिन संविधान बनाया गया, लागू किया गया उस दिन रामलीला मैदान में बाबा साहेब अंबेडकर और जवाहर लाल नेहरू का पुतला जलाया गया और अब नेहरू जी को गा*ली, इंदिरा जी को गा*ली, पूरे गांधी परिवार को गा*ली। शर्म आनी चाहिए। लोगों को संविधान सभा की बैठक के बारे में पढ़ना चाहिए। बीजेपी सदस्यों ने मल्लिकार्जुन खड़गे को अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य रखने की भी मांग की।
मल्लिकार्जुन खड़गे अपने साथ मनुस्मृति की किताब भी लेकर आए थे, जिसका उन्होंने अपने भाषण में जिक्र किया। संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस की पुरानी सरकार पर अपना शासन बचाए रखने के लिए संविधान संशोधन का आरोप लगाया है। इन आरोपों का कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी जवाब दिया है।
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