सवाई माधोपुर: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केन्द्र रणथंभौर टाइगर रिजर्व के लिए नया पर्यटन सीजन एक अक्टूबर, बुधवार से शुरू हो रहा है। जिला प्रशासन सहित संबंधित स्थानीय विभागों और आतिथ्य सत्कार से जुड़े संस्थानों ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला कलक्टर काना राम ने इस विषय में विभिन्न हितधारकों से विमर्श के लिए सोमवार को एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने होटल-पीजी, टूर-टैक्सी ऑपरेटर, सफारी गाइड-वाहन चालक, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं की उनकी जिले में पर्यटन के विकास के लिए सकारात्मक सोच रखने पर सराहना की।
बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि पर्यटन और पर्यावरण से जुड़े सभी हितधारकों के बेहतर आपसी समन्वय और सकारात्मक सोच के साथ काम करने से जिले के पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और नगर परिषद की ओर से पर्यटकों के सत्कार के लिए एक साफ-सुथरा शहर प्रस्तुत करने में आम नागरिकों सहित सभी के सहयोग की जरूरत है। पर्यटकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में इससे जुड़े व्यवसायों की बड़ी भूमिका है।
होटल-रेस्टोरेन्ट आदि को कचरा निस्तारण, सफाई प्रबंधन और प्लास्टिक के उपयोग को रोकने पर स्वयं फोकस करना होगा। उन्होंने कहा कि संरक्षित वन क्षेत्र के आस-पास अ*वैध निर्माण आदि गतिविधियों को रोका जाना चाहिए। काना राम ने कहा कि वन क्षेत्र और उसके आसपास संरक्षण, विकास और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी को नियम-कायदों और अनुशासन की पालना करनी होगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा सवाई माधोपुर शहर के हमीर सर्कल और रणथंभौर रोड़ के सौंदर्यकरण का कार्य शुरू हो चुका है।
शहर के लटिया नाला और झरेटी नाला क्षेत्र के विकास के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। इसी प्रकार, सूरवाल बांध में पानी के प्रबंधन और इसे बनास से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों पर राज्य सरकार के साथ सकारात्मक चर्चा कर इन्हें यथासंभव लागू किया जाएगा।
नए पर्यटन आकर्षण केंद्रों के विकास पर सबसे अधिक सुझाव:
बैठक में पर्यटन और संरक्षण गतिविधियों से सम्बद्ध विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं के उपलब्धता के साथ ही सवाई माधोपुर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं। स्थानीय प्रसाशन और व्यवसायियों के प्रयासों से नए आकर्षण केन्द्र विकसित हो सकते हैं। सूरवाल में बर्ड वाचिंग, पालीघाट में बोटिंग, वन क्षेत्र में नए टाइगर सफारी जोन का चिन्हीकरण आदि सहित रणथंभौर किले तथा पुराने सवाई माधोपुर शहर में नए पर्यटन आकर्षणों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
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