सवाई माधोपुर: गंगागुर सिटी विधानसभा क्षेत्र के एक मतदाता को मृ*त मानकर गतवर्ष उसका नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के प्रकरण को जिला निर्वाचन अधिकारी काना राम ने गंभीर मानते हुए, इसके लिए सुधारात्मक प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने संबंधित मतदाता से फॉर्म 6 भरवाकर नाम मतदाता सूची में नाम जोड़ने और बीएलओ के खिलाफ कार्यवाही की प्रक्रिया शुरु कर दी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रकरण एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से एक वर्ष पूर्व का है। दिनांक 1 अक्टूबर, 2024 को सम्बन्धित बीएलओ की ओर से नाम हटाने के लिए फार्म-7 दर्ज कर 16 अक्टूबर, 2024 को इस मतदाता का नाम सूची से हट गया था। अब 19 नवम्बर, 2025 को नाम जोड़ने के लिए निर्धारित फार्म-6 के साथ आवेदन कर नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। इस प्रकरण में संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बृजेन्द्र मीना ने वार्ड पार्षद के साथ मतदाता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उसे आश्वस्त किया है कि जल्द ही जारी होने वाली अपडेटेड मतदाता सूची में उनका नाम फिर से जुड़ जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में लापरवाही के लिए संबंधित बीएलओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरु कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों के संधारण में लापरवाही या गलती से नाम हटाए जाने या नहीं हटाए जाने अथवा जोड़े जाने के प्रकरणों के समाधान के लिए ही भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के निर्देश दिए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी बीएलओ को निर्देशित किया है कि एसआईआर कार्यक्रम के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतें और तथ्यों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप विधिवत पुष्टि के बाद ही मतदाता सूची में संशोधन की कार्रवाई दर्ज करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं की सुविधा एवं उनके मतदान अधिकार की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की त्रुटि पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलत आधार पर सूची से हटाना अत्यंत गंभीर और दंडनीय त्रुटि है।
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