सवाई माधोपुर: जिला कलक्टर कानाराम ने शनिवार को सवाई माधोपुर जिले के खंडार उपखंड अंतर्गत चंबल नदी तट स्थित पालीघाट में घड़ियाल संरक्षण हेतु विकसित किए जा रहे घड़ियाल रियरिंग सेंटर (घड़ियाल पालन केंद्र) का निरीक्षण किया। यह केंद्र घड़ियालों के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल है। इस दौरान वन विभाग के रेंजर किशन सांखला ने बताया कि वर्तमान में इस केंद्र पर चंबल नदी के आसपास के क्षेत्रों से सुरक्षित रूप से लाए गए 30 से अधिक घड़ियाल के बच्चों को इन्क्यूबेशन पिट्स में रखकर संरक्षित वातावरण में उनका पालन-पोषण किया जा रहा है।
ये हैचलिंग ईयर घड़ियाल उपयुक्त आयु एवं आकार प्राप्त करने के पश्चात टैगिंग कर नदी में पुनः छोड़े जाएंगे,जिससे उनके जीवनचक्र की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान चंबल नदी क्षेत्र के पर्यटन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें पालीघाट को रणथंभौर टाइगर रिजर्व के समानांतर एक पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित करने, पालीघाट के टिकट शुल्क को वर्तमान 748 से घटाकर 500 किए जाने तथा टाइगर सफारी के ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल में पालीघाट बोट सफारी को सम्मिलित करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिससे पालीघाट पर पर्यटकों की संख्याओं में इजाफा हो सके।
रेंजर सांखला ने बताया कि चंबल बैराज के गेट खुलने पर जल स्तर में अचानक वृद्धि से घड़ियाल प्रवाहित होकर अन्यत्र चले जाते हैं, जिससे इनकी संख्या में कमी आती है और हैचलिंग ईयर घड़ियालों की मृ*त्यु की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में यह रियरिंग सेंटर घड़ियालों की संख्या स्थिर बनाए रखने तथा उनके प्रजनन एवं संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। यह पहल न केवल जैव विविधता संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर बनेगी, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए पर्यटन से रोजगार सृजन का भी अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी सीमा खेतान, तहसीलदार पुष्कर सिंह, जल संसाधन विभाग के अधीशासी अभियंता प्रकाश मीणा, वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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