अंतर जिला तबादले नहीं होने से आशंकित तृतीय क्षेणी शिक्षक
सैकड़ों शिक्षक हैं, जो थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण की बाट जोह रहे हैं। कांग्रेस सरकार में थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले एक बार भी नहीं हुए हैं। अब अगर सरकार थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण से बैन हटाती है, तो अंतर जिला तबादले होंगे। अगर अंतर जिला स्थानांतरण नहीं होते हैं, तो बड़ी संख्या में शिक्षकों के अरमान टूट जाएंगे। जिलों के पुनर्गठन ने उनकी आशंकाएं और असमंजस को बढ़ाया ही है। अगर बीकानेर का उदाहरण भी लेते हैं, तो यहां से बड़ी संख्या में शिक्षक खाजूवाला अपडाउन करते हैं। उनके सामने मुख्यालय वापस लौटने की समस्या स्थाई होती दिखाई दे रही है।
दो साल पहले जमा हुए थे 85 हजार आवेदन
प्रदेश में जब गोविंदसिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री थे, तो उन्होंने थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण करने का मानस बनाया था। उस वक्त उन्होंने ऑनलाइन आवेदन भी मांगे थे। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपने गृह जिले में आने के लिए आवेदन किया था। पूरे प्रदेश में करीब 85 हजार आवेदन जमा हुए थे, लेकिन तबादले नहीं कर सरकार ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों को मायूस ही नहीं किया, बल्कि उनके सामने समस्या खड़ी कर दी। गौरतलब है कि 85 हजार आवेदनों में से अधिकांश शिक्षकों ने अंतर जिला तबादलों के लिए आवेदन किया था।

नियमानुसार देखा जाएगा
तबादलों से प्रतिबंध हटता है, तो इसके बाद नियमानुसार जो भी होगा देखा जाएगा। डीओपी से भी इस संबंध में चर्चा की जाएगी। हालांकि सरकार को तबादला पॉलिसी दी हुई है। पॉलिसी के अनुसार ही तबादले होंगे।(डॉ. बीडी कल्ला, शिक्षा मंत्री राजस्थान)
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