Thursday , 3 April 2025
Breaking News

“एक शाम, विज्ञान कविता के नाम” कवि सम्मेलन का हुआ वर्चुअल आयोजन

अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के प्रतिष्ठित वैश्विक फेसबुक पटल पर ” एक शाम, विज्ञान कविता के नाम ” कवि सम्मेलन का सवाईमाधोपुर से वर्चुअल आयोजन हुआ। कवि सम्मेलन में सभी ने विज्ञान पर आधारित कविताएं प्रस्तुत की।

 

 

 

 

इस अवसर पर नोएडा उत्तर प्रदेश से डॉ. कल्पना पांडे, देहरादून उत्तराखंड से राकेश जुगरान, ग्वालियर मध्य प्रदेश से रामवरण ओझा, गोवा से डॉ. शुभ्रता मिश्रा, ग्रेटर नोएडा से अरूण पासवान, गुरुग्राम हरियाणा से यशपाल सिंह ‘यश’, सवाईमाधोपुर से डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी एवं गाजियाबाद से पण्डित सुरेश नीरव ने शानदार काव्य पाठ किया।

 

 

कवि सम्मेलन का संचालन डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी ने किया तथा अध्यक्षता पंडित सुरेश नीरव ने की। डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। डॉ. कल्पना पांडे ने अपनी रचना “करती हूं बात शून्य की, जिसमें बड़ी गहराई है, अंक के आगे है शून्य, पीछे भी शून्य, दोनों है महारथी, अंतर रखते भेद करते, गणित की गणित में मुस्कुराते, गणित में भी गणित लगाते, उलझनें पैदा करते कशमकश में डालते, परिणाम निकालने की जद्दोजहद में, शून्य में ही में लटका देते, प्रस्तुत की।

 

Virtual event of One evening, in the name of science poetry Poetry Conference in sawai madhopur

 

राकेश जुगरान ने अपनी रचना गिरे सेव को खाकर न्यूटन, भीड़ में शामिल हो जाता, गुरुत्वाकर्षण के रहस्य को कौन हमें समझा पाता, काव्य रचना प्रस्तुत की। रामवरण ओझा ने अपनी रचना हम तो आदि मनुज थे लेकिन, धीरे धीरे काम किया, पत्थर से पत्थर टकराकर आग जलाना सीख लिया प्रस्तुत की।

 

 

 

डॉ. शुभ्रता मिश्रा ने अपनी रचना व्हेल हमें माफ कर देना, आंतों में जब चिपके होंगे, छोटे बड़े प्लास्टिक टुकड़े, पोषण – पोषण तरसी होगी, मानो व्हेल पूछ रही थी, कब तक और पड़ेगा सहना, व्हेल हमें माफ कर देना, प्रस्तुत की।

 

 

 

अरुण पासवान ने अपनी रचना धुआं धुआं – धुआं और धुआं, धरती पर धुआं, आकाश में धुआं, फटती ओजोन परत, गर्म होता संसार, अब वायु मंडल प्राण वायु कम प्राण संकट ज्यादा देता है, प्रस्तुत की। यशपाल सिंह ने अपनी रचना विकसित हो विज्ञान, जहां प्रश्नों का सम्मान, प्रश्न उठा तो बढ़ गया, एक कदम विज्ञान, प्रस्तुत की।

 

 

 

डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी ने कुछ दोहे प्रस्तुत करते हुए कहा सब नदियों को हो गया, सूखे वाला रोग, जंगल जोगी हो गए, धरा भोगती भोग, गंगा तेरी धार में, सब धोते निज पाप, करनी कर्ता कर गए, तू झेले संताप, धोकर सबके पाप भी, गंगा रही पवित्र, मैला का मैला रहा, तेरा मनुज चरित्र। अंत में कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।

About Vikalp Times Desk

Check Also

The third installment for Hajj Pilgrimage-2025 will be deposited by April 3

हज यात्रा-2025 के लिए तीसरी किस्त 3 अप्रैल तक होगी जमा

जयपुर: हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई द्वारा सूचित किया गया है कि अन्तर्राष्ट्रीय सांगानेर एयरपोर्ट, …

rawanjana Dungar police sawai madhopur news 29 march 25

चोरी के मामले में 5 साल से फ*रार 10 हजार के इनामी आरोपी को दबोचा

चोरी के मामले में 5 साल से फ*रार 10 हजार के इनामी आरोपी को दबोचा …

The minister in charge inspection of medical college Sawai Madhopur

मेडिकल कॉलेज की दीवारों में दरार और सीलन देख नाराज हुए प्रभारी मंत्री

सवाई माधोपुर: राज्यमंत्री, सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन विभाग (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने गुरूवार …

Soorwal Police Sawai madhopur news 29 march 25

सायबर ठ*गी के आरोपी को दबोचा

सायबर ठ*गी के आरोपी को दबोचा     सवाई माधोपुर: सूरवाल थाना पुलिस की सायबर …

Udei mode police sawai madhopur news 28 march 25

बाइक सवारों द्वार राहगीरों से मोबाइल छीनने के 3 आरोपियों को दबोचा

बाइक सवारों द्वार राहगीरों से मोबाइल छीनने के 3 आरोपियों को दबोचा       …

error: Content is protected !! Contact Vikalp Times Team !