सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर सोमवार रात आयोजित ‘रणथंभौर रागा म्यूजिकल नाइट’ में 15 हजार से अधिक दर्शकों का उल्लास और उत्साह चरम पर रहा। देश-दुनिया के सुप्रसिद्ध गायक-संगीतकार पदमश्री कैलाश खेर द्वारा सजाई गई सुरों कि महफिल में सवाई माधोपुर और आस-पास के जिलों के युवाओं सहित बड़ी संख्या में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी गीत-संगीत के सागर में डुबकी लगाई। सांस्कृतिक संध्या अपने शिखर पर उस समय पहुंची, जब जिला मुख्यालय के दशहरा मैदान में कैलाश खेर ने अपनी जादुई आवाज से जनसैलाब को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उपस्थित भीड़ में मौजूद युवा, महिलाएं और बुजुर्ग दर्शक तक देर रात तक सुर-ताल और भक्ति-भाव में डूबे और नाचते-गाते रहे। एक समय ऐसा लगा मानो पूरा शहर एक साथ संगीत का उत्सव मनाने उमड़ आया हो। इस गीत संगीत कार्यक्रम की शुरुआत सवाई माधोपुर की गौरवशाली विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और रणथंभौर की पहचान को दर्शाने वाले विशेष वीडियो प्रेज़ेंटेशन से हुई, जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। इसके बाद मंच पर कैलाश खेर के आगमन के साथ ही वातावरण तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
कैलाश खेर ने भक्ति और सूफियाना रंग में डूबी अपनी प्रस्तुति की शुरुआत करते हुए “मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया”, “जाना जोगी दे नाल वे” जैसे गीतों से समां बांध दिया। इसके बाद उन्होंने “बगड़ बम बम”, “तेरी दीवानी”, “अल्लाह के बंदे”, “यूं ही चला चल राही”, “कौन है वो’, “जय जयकारा” सहित अनेक लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। डमरू के साथ प्रस्तुत “बगड़ बम बम” पर ऐसा प्रतीत हुआ मानो पूरा मैदान शिवभक्ति में लीन हो गया हो। कार्यक्रम के दौरान लोग अपने स्थान पर थिरकते रहे। कैलाश खैर ने कुछ दर्शकों को मंच पर चढ़कर नृत्य करने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने अपने प्रशंसकों को बार-बार उनके साथ नाचने और गाने के लिए आह्वान किया। बड़ी संख्या में युवा दर्शकों ने मंच के समीप झूमते नाचते-गाते हुए इस यादगार पल को मोबाइल कैमरों में कैद किया। कार्यक्रम के दौरान राज्य के कृषि मंत्री डॉ. लाल मीणा ने मंच पर पहुंचकर कैलाश खेर को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रेरणा मिलती है, बल्कि जिले की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान अधिक सुदृढ़ होती है। इस संगीतमय संध्या में जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि भी सपरिवार उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारी संगीत के प्रवाह में स्वयं को रोक नहीं सके और कलाकारों का तालियां बजाकर उत्साहवर्धन करते रहे। पूरा वातावरण उल्लास, उमंग और सामूहिक आनंद से भर उठा। कैलाश खेर ने मंच से सवाई माधोपुर की सराहना करते हुए कहा कि यह भूमि इतिहास, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है।
उन्होंने दर्शकों को “प्रशंसकों की बजाय परिवार” बताते हुए खुलकर उत्सव मनाने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य सरकार के कृषि विभाग और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित अमरूद महोत्सव को अनूठी पहल बताते हुए इसकी प्रशंसा की। कार्यक्रम के समापन पर भव्य आतिशबाजी की गई, जिसने आकाश को रंगीन रोशनी से भर दिया और स्थापना दिवस समारोह को एक यादगार दृश्य के साथ विराम दिया।
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