नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संचार साथी ऐप को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह एक जासूसी ऐप है। मेरा मतलब है, यह साफ तौर पर हास्यास्पद है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि नागरिकों को यह हक है कि वे अपने परिवार और दोस्तों को निजी तौर पर बिना सरकार की नजरों के संदेश भेज सकें। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वे हर तरह से इस देश को एक तानाशाही में बदल रहे हैं।
संसद इसलिए नहीं चल रही है क्योंकि वे किसी भी मुद्दे पर बात करने से इनकार कर रहे हैं। दरअसल, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने सोमवार को स्मार्टफोन निर्माताओं को एक निर्देश दिया है। इस निर्देश में कहा गया कि वे मार्च 2026 से बेचे जाने वाले नए मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल करके रखें।
निर्देशों में कहा गया है कि संचार साथी ऐप का उपयोग “मोबाइल उपकरणों में उपयोग किए जाने वाले आईएमईआई की प्रामाणिकता सत्यापित करने” के लिए किया जाएगा। एक बयान में डीओटी ने कहा कि यह कदम नागरिकों को नकली हैंडसेट खरीदने से बचाने और दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को समझने में मदद के लिए उठाया गया है।
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