नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी और प्रवासन एजेंसियों के अनुसार अंडमान सागर में एक दर्दनाक नाव हादसे के बाद करीब 250 रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक लापता हो गए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह मछली पकड़ने वाला ट्रॉलर बांग्लादेश से मलेशिया की ओर जा रहा था।
खराब मौसम, तेज हवाएं और नाव में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने के कारण यह हादसा हुआ। बांग्लादेश कोस्ट गार्ड के अनुसार, 9 अप्रैल को एक जहाज ने इस नाव से नौ लोगों को बचाया था, हालांकि नाव कब पलटी, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। रोहिंग्या समुदाय, जो म्यांमार का एक अल्पसंख्यक समूह है, 2017 में हुए हिं*सक घटनाक्रम के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर हुआ था।
म्यांमार में इन्हें नागरिकता नहीं दी जाती, जिसके चलते ये लोग बेहतर जीवन की तलाश में जोखिम भरी समुद्री यात्राएं करते हैं। हादसे से बचे 40 वर्षीय रफीकुल इस्लाम ने बताया कि उन्हें बचाए जाने से पहले करीब 36 घंटे तक समुद्र में तैरते रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि नाव से रिसे तेल के कारण वे झुलस भी गए थे। रफीकुल के मुताबिक, मलेशिया में नौकरी मिलने के वादे ने उन्हें इस खतरनाक यात्रा पर जाने के लिए प्रेरित किया था।
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