नई दिल्ली: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा पर हो रहे विवाद को लेकर बीजेपी की सरकार पर निशाना साधा है। केंद्र सरकार की सिफारिशों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को स्वीकार किया है। इसके अनुसार आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर ऊंचे जमीन के हिस्से को ही अरावली पहाड़ी माना जाएगा। कर्नाटक के बेंगलुरु में अरावली के मुद्दे पर सचिन पायलट ने पत्रकारों से कहा कि अरावली पर सरकार पूरी तरह बेनकाब हो गई है।
जिस दिशा की ओर वे बढ़ रहे हैं उससे स्पष्ट हो गया है कि हमारी जो अरावली पर्वत श्रृंखला है, उसके प्रति उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। अगर हम उसे नष्ट कर देंगे तो जवाबदेही किसकी होगी?। आज चारों राज्यों में गुजरात हो, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली…हर जगह बीजेपी की सरकार है। केंद्र में बीजेपी की सरकार है।
अगर सरकार कोर्ट में जाकर उन बातों को मान रही है, जिसका परिणाम अरावली के पूरी तरह से खात्मे की ओर बढ़ता है, उसका हम वि*रोध करते हैं। हम लोग 26 दिसंबर को जयपुर में मार्च निकालेंगे। हमारे छात्रसंघ के जो साथी हैं, वो यात्रा निकाल रहे हैं। सचिन पायलट ने पूछा कि अरावली में हो रहे अ*वैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?
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