नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मंगलवार को कहा है कि उसे जनवरी में रूस से कच्चे तेल की कोई खेप मिलने की उम्मीद नहीं है और पिछले तीन हफ्तों में उसे रूस से कोई कार्गो नहीं मिला है। भारत की निजी रिफाइनरी कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें केप्लर के आंकड़ों के हवाले से कहा गया था कि रूसी तेल से लदे तीन जहाज जामनगर रिफाइनरी की ओर जा रहे हैं।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि हम इस बात से काफी आहत हैं कि खुद को निष्पक्ष पत्रकारिता की अग्रिम पंक्ति में बताने वालों ने जनवरी में किसी भी रूसी तेल की खरीद से इनकार करने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के बयान को नजरअंदाज किया और एक गलत रिपोर्ट प्रकाशित कर हमारी छवि को नुकसान पहुंचाया। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एयर फोर्स वन विमान में मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर प्रतिक्रिया दी थी।
लिंडसे ग्राहम ने दावा किया था कि मुझे यकीन है कि ट्रंप ने भारत के साथ जो रुख अपनाया, उसी की वजह से भारत आज रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है। वहीं एयर फोर्स वन विमान में ट्रंप का कहना था कि वे (भारत और रूस) आपस में व्यापार करते हैं और भारत ने हमारी बात नहीं मानी तो हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। अमेरिका पहले ही भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है, जिसमें से 25 फीसदी टैरिफ रूस से तेल खरीदने की स*जा के तौर पर लगाया गया है।
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