सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) में पेड़ों (Trees) की कटाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बजरिया सहित शहर के विभिन्न इलाकों में अब तक करीब 400 पेड़ काटे जाने के बाद पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। आरोप है कि यह कार्रवाई केवल तहसीलदार की अनुमति के आधार पर की जा रही है, जबकि पर्यावरण कानूनों के तहत यह पर्याप्त नहीं मानी जाती।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सवाई माधोपुर रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान (Ranthambore National Park) और संरक्षित वन (Forest) क्षेत्र की सीमा में आता है, ऐसे में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के लिए उच्च स्तरीय वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति जरूरी है। उन्होंने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशों का हवाला देते हुए कटाई पर सवाल उठाए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से ज्ञापन और शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन, वन विभाग और जनप्रतिनिधियों ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि विकास के नाम पर शहर की हरियाली (Haryali) खत्म की जा रही है और जनभावनाओं की अनदेखी हो रही है।
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