Monday , 11 May 2026
Breaking News

कोटा के सरकारी अस्पताल में एक और प्रसूता की मौ*त, अब तक 4 महिलाओं ने गंवाई जान

कोटा: कोटा (Kota) के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौ*त का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जेके लोन हॉस्पिटल (JK Loan Hospital Kota) में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और महिला की मौ*त हो गई। अब तक जेके लोन और मेडिकल कॉलेज के न्यू हॉस्पिटल (New Medical College Hospital Kota) में कुल 4 महिलाओं की जान जा चुकी है, जबकि 8 अन्य प्रसूताओं की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें कई महिलाओं की किडनी फेल होने की बात सामने आई है।

JK loan New Medical College Hospital Maternity Kota News 11 May 26

श्रीरामनगर निवासी 31 वर्षीय पिंकी महावर को 7 मई को जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। देर रात सीजेरियन डिलीवरी के जरिए उसने बच्ची को जन्म दिया, लेकिन अगले ही दिन उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक, उसका यूरिन बंद हो गया और ब्लड प्रेशर लगातार गिरता चला गया। हालत खराब होने पर उसे ICU में भर्ती किया गया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। रविवार रात उसे न्यू हॉस्पिटल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में रेफर किया गया, जहां वेंटिलेटर पर इलाज के दौरान रात 12:30 बजे उसकी मौ*त हो गई। परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

पति चंद्रप्रकाश महावर का कहना है कि पिंकी की हालत 8 मई से ही खराब थी, लेकिन दो दिन तक उसे हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश करता रहा और मरीज को पिछले गेट से शिफ्ट किया गया ताकि किसी को भनक न लगे। परिजनों का दावा है कि डिलीवरी के बाद यूरिन बंद होने और पेट दर्द की शिकायत के बावजूद डॉक्टरों ने समय पर ध्यान नहीं दिया। बाद में बताया गया कि बच्चेदानी में खून जम गया है, जिसके चलते दोबारा ऑपरेशन किया गया और बच्चेदानी निकालनी पड़ी। 15 घंटे के भीतर दो ऑपरेशन हुए, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई।

परिवार का आरोप है कि डॉक्टर सिर्फ कागजों पर साइन करवाते रहे और मरीज की वास्तविक स्थिति नहीं बताई गई। रिश्तेदारों के मुताबिक, पिंकी को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी और कई बार खून चढ़ाना पड़ा। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी और लिवर दोनों ने काम करना बंद कर दिया है। जांच रिपोर्ट में क्रिएटिनिन और बिलीरुबिन का स्तर सामान्य से काफी अधिक पाया गया, जो किडनी और लिवर फेल होने का संकेत है।

इससे पहले बूंदी जिले की प्रिया महावर की भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद मौ*त हो चुकी है। वहीं कोटा की आरती चौबदार और सुल्तानपुर क्षेत्र की पिंकी बेरवाल समेत कई अन्य महिलाओं की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मृ*तक परिवारों ने मौ*त के सही कारणों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

About Vikalp Times Desk

Check Also

Gold price hike international news 08 May 2026

सोना फिर हुआ बेकाबू! एक दिन में इतना बढ़ा भाव कि उड़ जाएंगे होश

नई दिल्ली: 8 मई को देशभर में सोने की कीमतों (Gold Price Hike) में तेजी …

Maternity Tablets Investigation New Medical College Hospital Kota News 08 May 26

डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौ*त का मामला, जिन दवाओं का इस्तेमाल हुआ, उस पर प्रदेश भर में रोक

कोटा: कोटा (Kota) के न्यू मेडिकल हॉस्पिटल (New Medical College Hospital Kota) में सिजेरियन डिलीवरी …

Prohibition on using animals for work during the hot summer months from 12 noon to 3 pm

तेज गर्मी में दोपहर 12 से 3 बजे तक पशुओं से काम लेने पर रोक

सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) में बढ़ती गर्मी (Summer Vibes) और लू (HeatWave) को …

डीपीएस स्कूल के बाहर जाम बना मुसीबत, गुस्से में युवक ने फूंकी बाइक

कोटा: कोटा (Kota) के उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित कंसुआ इलाके में सड़क जाम से …

Bihar Cabinet Expansion Nishant Kumar and others took oath as ministers

बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: निशांत कुमार समेत इन्होंने ली मंत्री पद की शपथ

बिहार: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट का विस्तार (Bihar Cabinet Expansion) हो गया …

error: Content is protected !! Contact Vikalp Times Team !