Tuesday , 25 August 2026
Breaking News

कोटा के सरकारी अस्पताल में एक और प्रसूता की मौ*त, अब तक 4 महिलाओं ने गंवाई जान

कोटा: कोटा (Kota) के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौ*त का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जेके लोन हॉस्पिटल (JK Loan Hospital Kota) में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और महिला की मौ*त हो गई। अब तक जेके लोन और मेडिकल कॉलेज के न्यू हॉस्पिटल (New Medical College Hospital Kota) में कुल 4 महिलाओं की जान जा चुकी है, जबकि 8 अन्य प्रसूताओं की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें कई महिलाओं की किडनी फेल होने की बात सामने आई है।

JK loan New Medical College Hospital Maternity Kota News 11 May 26

श्रीरामनगर निवासी 31 वर्षीय पिंकी महावर को 7 मई को जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। देर रात सीजेरियन डिलीवरी के जरिए उसने बच्ची को जन्म दिया, लेकिन अगले ही दिन उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक, उसका यूरिन बंद हो गया और ब्लड प्रेशर लगातार गिरता चला गया। हालत खराब होने पर उसे ICU में भर्ती किया गया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। रविवार रात उसे न्यू हॉस्पिटल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में रेफर किया गया, जहां वेंटिलेटर पर इलाज के दौरान रात 12:30 बजे उसकी मौ*त हो गई। परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

पति चंद्रप्रकाश महावर का कहना है कि पिंकी की हालत 8 मई से ही खराब थी, लेकिन दो दिन तक उसे हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश करता रहा और मरीज को पिछले गेट से शिफ्ट किया गया ताकि किसी को भनक न लगे। परिजनों का दावा है कि डिलीवरी के बाद यूरिन बंद होने और पेट दर्द की शिकायत के बावजूद डॉक्टरों ने समय पर ध्यान नहीं दिया। बाद में बताया गया कि बच्चेदानी में खून जम गया है, जिसके चलते दोबारा ऑपरेशन किया गया और बच्चेदानी निकालनी पड़ी। 15 घंटे के भीतर दो ऑपरेशन हुए, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई।

परिवार का आरोप है कि डॉक्टर सिर्फ कागजों पर साइन करवाते रहे और मरीज की वास्तविक स्थिति नहीं बताई गई। रिश्तेदारों के मुताबिक, पिंकी को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी और कई बार खून चढ़ाना पड़ा। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी और लिवर दोनों ने काम करना बंद कर दिया है। जांच रिपोर्ट में क्रिएटिनिन और बिलीरुबिन का स्तर सामान्य से काफी अधिक पाया गया, जो किडनी और लिवर फेल होने का संकेत है।

इससे पहले बूंदी जिले की प्रिया महावर की भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद मौ*त हो चुकी है। वहीं कोटा की आरती चौबदार और सुल्तानपुर क्षेत्र की पिंकी बेरवाल समेत कई अन्य महिलाओं की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मृ*तक परिवारों ने मौ*त के सही कारणों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

About Ziya

Er. Ziyaul Islam (Chief Editor)

Check Also

demands withdrawal of order regarding photography and videography in schools Rasthan IFWJ Sawai Madhopur

प्रदेशभर में IFWJ का विरोध, स्कूलों में फोटो-वीडियोग्राफी आदेश वापस लेने की मांग

सवाई माधोपुर: शिक्षा विभाग राजस्थान (Education Department Rajasthan) की ओर से विद्यालयों (School) में बाहरी …

Congress may release its list of candidates by 26 August 2 focus on winnable faces in Kota

26 अगस्त तक कांग्रेस जारी कर सकती है प्रत्याशियों की सूची, जिताऊ चेहरों पर फोकस

कोटा: कोटा नगर निगम चुनाव (Nagar Nigam Kota) को लेकर कांग्रेस (Congress) ने अपनी चुनावी …

Ranthambore National Park leopard Sawai Madhopur News 21 aug 26 Vikalp Times

चार बहनों का इकलौता भाई था दिलखुश…लेपर्ड उठा ले गया, मौ_त के बाद भड़के ग्रामीण

सवाई माधोपुर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) से सटे दूमोदा गांव में गुरुवार शाम …

जयपुर पुलिस के 6 ‘हीरो’! अपराध से ट्रैफिक तक शानदार काम, मिला बड़ा सम्मान

जयपुर: जयपुर पुलिस आयुक्तालय (Jaipur Police Commissionerate) में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में जुलाई माह …

57 ASPs and 24 DSPs transferred in Rajasthan Police Vikalp Times

राजस्थान पुलिस में 57 ASP और 24 DSP के तबादले, SOG-CID समेत कई इकाइयों में बदलाव

जयपुर: राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। …

error: Content is protected !! Contact Vikalp Times Team !