सवाई माधोपुर/ Sawai Madhopur : मातृ दिवस (Mother’s Day) के अवसर पर होटल अनुराग पैलेस, सवाई माधोपुर (SawaiMadhopur) में पुस्तक “मैं मानवी” (Main Manavi) का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। यह पुस्तक वरिष्ठ लेखिका रचना मीना (Rachna Meena) द्वारा लिखित तथा साहित्यागार प्रकाशन हाउस द्वारा प्रकाशित की गई है। पुस्तक दस सच्ची कहानियों का एक संवेदनशील और प्रेरणादायी संकलन है।

पुस्तक का विमोचन स्वदेशी जागरण मंच (Swadeshi Jagran Manch) के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरीलाल, राष्ट्रीय संयोजक आर. सुंदरम, यूनेस्को एमजीआईईपी (महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट) की गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष एवं स्वावलंबी भारत अभियान (Swavlambi Bharat Aabhiyan) के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. भगवती प्रकाश शर्मा, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक सतीश कुमार, डॉ. राजेश गोयल, भिवानी विश्वविद्यालय की डीन डॉ. सुनीता भरतवाल, डॉ. राजीव कुमार एवं अनुराधा भारतवासी सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

समारोह में लेखिका की माता जसकौर मीना (Jaskaur Meena) (पूर्व केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार), पिता श्रीलाल मीना तथा बहन अर्चना मीना (Archana Meena) (अखिल भारतीय महिला प्रमुख, स्वदेशी जागरण मंच) , राजेश कुमार (IAS Rajesh Kumar Meena) ( पूर्व मुख्य सचिव , महाराष्ट्र शासन) की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को भावनात्मक ऊष्मा और विशेष गरिमा प्रदान की।

“मैं मानवी” स्त्री जीवन के आत्मबल, साहस, संघर्ष और आत्मपरिवर्तन की मार्मिक अभिव्यक्ति है। पुस्तक में संकलित दस सच्ची कहानियाँ विभिन्न देशों, सामाजिक परिवेशों और पारिवारिक पृष्ठभूमियों से जुड़ी उन महिलाओं के जीवन को प्रस्तुत करती हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में हार मानने के बजाय आत्मविश्वास और साहस के साथ अपने जीवन की दिशा स्वयं निर्धारित की। सरल किंतु अत्यंत प्रभावशाली भाषा में लिखी गई ये कहानियाँ पाठकों को आत्ममंथन, आशा और परिवर्तन की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक केवल स्त्री विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, आत्मविश्वास और संघर्षशीलता की सार्वभौमिक कथा बनकर सामने आती है। उन्होंने साहित्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में रचना मीना के सतत योगदान की सराहना की और कहा की उनकी भाषा शैली और संवेदनशीलता उन्हें मूर्धन्य साहित्यकारों की श्रेणी में खड़ा करती है।
राजस्थान के करौली (Karauli) जिले में जन्मी रचना मीना ने राजस्थान विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की। उनकी साहित्यिक अभिरुचि ने भावनात्मक गहराई और सहज अभिव्यक्ति से युक्त रचनात्मक लेखन का रूप लिया। उनका पहला कविता संग्रह “मन” वर्ष 2010 में प्रकाशित हुआ। वर्ष 2022 में उन्होंने अपनी माता जसकौर मीना के जीवन पर आधारित प्रेरणादायी जीवनी “अविरल धारा” का लेखन एवं प्रकाशन किया। उनकी चर्चित कहानी “काकी” मार्च 2024 में प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका “साहित्य अमृत” में प्रकाशित हुई, जिसे देशभर के पाठकों से व्यापक सराहना प्राप्त हुई।
वर्तमान में वे वर्ष 1994 में उनकी माता द्वारा स्थापित शिक्षण संस्था “ग्रामीण महिला विद्यापीठ” में निदेशक के रूप में कार्यरत हैं तथा आदिवासी ग्रामीण बालिकाओं की शिक्षा, साहित्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से समर्पित हैं।
पुस्तक विमोचन समारोह में साहित्यप्रेमियों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
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